
भोपाल। मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर विवाद और गहरा गया है। एक ओर राजधानी भोपाल में किसान समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और राज्य सरकार ने उनसे चर्चा के लिए मंत्रियों की समिति गठित की है। दूसरी ओर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर किसानों के हित में मूंग खरीदी शीघ्र शुरू करने का अनुरोध किया है। वहीं, इसी बीच मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने यह बयान दिया कि मूंग की गुणवत्ता संबंधी शिकायतों के कारण खरीदी नहीं करने का निर्णय लिया गया था।
केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने अपने पत्र में बताया कि ग्रीष्मकालीन सीजन 2025-26 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत मध्य प्रदेश को 4.54 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी की स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी है। यह देशभर में स्वीकृत कुल 5.23 लाख मीट्रिक टन मूंग का लगभग 87 प्रतिशत हिस्सा है, जो किसी भी राज्य को दी गई सबसे अधिक मात्रा है।
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया कि पीएम-आशा योजना के तहत केंद्र सरकार उत्पादन के निर्धारित 25 प्रतिशत तक ही खरीदी की अनुमति देती है। इससे अधिक खरीदी का निर्णय सचिवों की समिति (सीओएस) की मंजूरी के बाद ही संभव है, जबकि अतिरिक्त उपार्जन की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि पिछले वर्षों में भी स्वीकृत सीमा से अधिक मूंग का उपार्जन राज्य सरकार ने अपने स्तर पर कराया था। उन्होंने कहा कि 29 जुलाई तक प्रदेश में केवल करीब 60 हजार मीट्रिक टन मूंग की खरीदी हो सकी है। ऐसे में किसानों के हितों को देखते हुए राज्य सरकार से खरीदी प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि केंद्र सरकार राज्यों को कोई खरीदी लक्ष्य नहीं देती, बल्कि योजना के तहत अधिकतम स्वीकृत मात्रा प्रदान करती है।
