
संजीव कुमार शर्मा
दतिया। मध्य प्रदेश की सबसे हाई-प्रोफाइल मानी जाने वाली दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए आज (30 जुलाई) मतदान प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पिछले कई दिनों से जारी नेताओं की बयानबाज़ी, रोड शो और चुनावी रैलियों का शोर थमने के बाद अब गेंद जनता के पाले में है।
*प्रशासन मुस्तैद: सुरक्षा के कड़े इंतजाम*
स्थानीय निर्वाचन अधिकारी और पुलिस प्रशासन ने मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। संवेदनशील बूथों पर पैनी नज़र: सुरक्षा बलों की अतिरिक्त टुकड़ियों की तैनाती के साथ-साथ वेबकास्टिंग और सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नज़र रखी जा रही है। सभी मतदान दलों को सुरक्षा घेरे में लिया गया है। दिव्यांग एवं बुजुर्गों के लिए विशेष व्यवस्था: व्हीलचेयर, पेयजल और छाया की विशेष व्यवस्था मतदान केंद्रों पर की गई है ताकि मतदाताओं को कोई असुविधा न हो।
*साइलेंट वोटर और चुनावी समीकरण*
नेताओं के दावों और तूफानी चुनाव प्रचार के बीच इस बार ‘मतदाता की खामोशी’ ने दोनों प्रमुख दलों (भाजपा और कांग्रेस) की धड़कनें बढ़ा दी हैं। दतिया का आम नागरिक मुद्दों पर अपनी राय तो रख रहा है, लेकिन अपना रुख स्पष्ट करने से बच रहा है।
*राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मुकाबला बेहद कड़ा है:* भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता घनश्याम सिंह के बीच सीधा मुकाबला देखा जा रहा है। विकास कार्य, स्थानीय जनसमस्याएं और अंदरूनी राजनीतिक जोड़-तोड़ इस चुनाव में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
*मतगणना के दिन होगा असली खुलासा*
आज शाम ईवीएम सील होने के बाद उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला सुरक्षा घेरे में बंद हो जाएगा। कौन सा प्रत्याशी दतिया की जनता का दिल जीतने में कामयाब रहा और मतदाता की इस खामोशी का असली संदेश क्या था, इसका खुलासा 3 अगस्त (मतगणना दिवस) मतगणना वाले दिन ही होगा।
