
छतरपुर। विश्व प्रसिद्ध बागेश्वर धाम में बुधवार से गुरु पूर्णिमा महोत्सव की शुरुआत पूरे धार्मिक उत्साह और वैदिक विधि-विधान के साथ हुई। बागेश्वर सरकार ने सबसे पहले बागेश्वर बालाजी और अपने पूज्य गुरु सन्यासी बाबा की समाधि पर पादुका पूजन, आरती और आशीर्वाद लेकर महोत्सव का शुभारंभ किया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देश-विदेश से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने गुरु पादुका पूजन कर बालाजी के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया।
महोत्सव के दौरान धाम परिसर में प्रेतराज सरकार के वृक्ष के पास हनुमानजी के अष्टवीरों की तांत्रिक शिला स्थापित की गई। इसके दर्शन श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस शिला के दर्शन करने से नकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक बाधाओं से राहत मिलने के साथ मानसिक शांति का अनुभव होता है।
श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस बल की तैनाती की गई है, जबकि पूरे मेला परिसर पर ड्रोन कैमरों से लगातार नजर रखी जा रही है। साथ ही यातायात और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था भी सुदृढ़ की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
