सतना : ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा संबंधी कार्यों के सामाजिक अंकेक्षण के लिए चयनित ग्राम सामाजिक एनिमेटरों (व्हीएसए) ने अपनी लंबित मांगों और समस्याओं को लेकर मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय का रुख किया. सतना और मैहर जिले के विभिन्न ग्रामीण अंचलों से आए व्हीएसए कलेक्ट्रेट परिसर में अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद में एकत्र हुए थे. इस दौरान उपस्थित प्रतिनिधियों ने उनकी परेशानियों को समझा और सभी व्हीएसए को जिला पंचायत कार्यालय सतना में बैठाकर उनकी बात सुनी.
उन्होंने बताया कि पिछले आठ वर्षों से निष्ठापूर्वक कार्य कर रहे कार्यकर्ताओं को अचानक सेवा से पृथक न किया जाए और सामाजिक अंकेक्षण के बेहतर निष्पादन के लिए उन्हें भौतिक रूप से क्लास लगाकर प्रशिक्षित किया जाए. कार्यकर्ताओं ने बीते दो वर्षों से रुके हुए मानदेय पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए बताया कि समय पर भुगतान न होने से वे गंभीर आर्थिक तंगी झेल रहे हैं, इसलिए मानदेय व्यवस्था में पारदर्शिता और स्पष्टता लाई जानी चाहिए. इसके साथ ही बार-बार कार्य क्षेत्र बदले जाने की प्रथा पर रोक लगाने और स्थानीयता को ध्यान में रखते हुए ही क्षेत्र आवंटित करने की मांग भी उठाई गई.
कार्यकर्ताओं ने इस बात की ओर भी ध्यान दिलाया कि शपथ-पत्र के जरिए उन्हें अन्यत्र काम करने से रोका गया है, जबकि वर्तमान में उन्हें साल में केवल 60 से 80 दिन ही काम मिल पाता है। ऐसे में उनकी आजीविका सुरक्षित करने के लिए मनरेगा के अलावा अन्य शासकीय योजनाओं के सामाजिक अंकेक्षण का काम भी उन्हीं से लिया जाए. जिला पंचायत कार्यालय में संबंधित विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में इन तमाम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और व्हीएसए को आश्वस्त किया गया कि उनकी हर न्यायसंगत मांग पर मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए उचित कदम उठाए जाएंगे.
