
भोपाल। संयुक्त किसान मोर्चा और राज्य सरकार के बीच मंगलवार को हुई वार्ता किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना, कृषि सचिव और मुख्यमंत्री के ओएसडी के साथ किसानों के प्रतिनिधिमंडल की बैठक में विभिन्न मांगों पर चर्चा हुई, लेकिन लिखित आश्वासन या निर्णय नहीं मिलने से किसान संगठन ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर दिया। अब बुधवार को मुख्यमंत्री निवास के महाघेराव की तैयारी की गई है।
महाघेराव को देखते हुए मुख्यमंत्री निवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विशेष रूप से पॉलिटेक्निक चौराहे और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। बैरिकेडिंग के साथ यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर पुलिस की लगातार नजर बनी हुई है।
बैठक में किसानों ने मूंग की फसल की 100 प्रतिशत समर्थन मूल्य पर खरीदी, खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था में सुधार, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पर्याप्त बिजली आपूर्ति सहित अन्य कृषि संबंधी मुद्दे उठाए। सरकार की ओर से इन मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखकर जल्द निर्णय कराने का आश्वासन दिया गया, लेकिन संयुक्त किसान मोर्चा ने इसे पर्याप्त नहीं माना।
इससे पहले किसान पदयात्रा मंगलवार को दूसरे दिन भोपाल पहुंची। पुलिस ने पदयात्रा को बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के पास रोक दिया, जबकि किसान मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने पर अड़े रहे। इसके बाद मोर्चा ने प्रदेशभर के किसानों से बुधवार को बड़ी संख्या में भोपाल पहुंचने और महाघेराव में शामिल होने की अपील की।
संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि जब तक मांगों पर लिखित आदेश जारी नहीं किए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। संगठन के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों से किसानों का भोपाल पहुंचना लगातार जारी है।
