दो विवाह घरों पर चला प्रशासन का बुलडोजर, सरकारी भूमि पर था कब्जा

रीवा, शहर के धोबिया टंकी के पास स्थित दो बारात घरों पर मंगलवार की सुबह प्रशासन का बुलडोजर चला. भारी पुलिस बल की मौजूदगी में राजस्व एवं नगर निगम की टीम ने अवैध कब्जे को जमीदोज कर दिया. सुबह से लेकर दोपहर तक कार्यवाही चलती रही. विवाह घर संचालक लीज पर भूमि लिये जाने का हवाला देते रहे, लेकिन प्रशासन ने एक न सुनी.

संयुक्त कार्यवाही के दौरान लगभग दो एकड़ से अधिक सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाया गया. तहसीलदार द्वारा अवैध कब्जा हटाने का पारित किया गया था, जिसके बाद कार्यवाही को अंजाम दिया गया. मंगलवार की सुबह राजस्व, पुलिस एवं नगर निगम की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए धोबिया टंकी के समीप अनाथालय से लगी हुई जमीन में अतिक्रमण कर बनाए गए दो बारात घरों को जमीदोज कर दिया है. बताया गया है कि अवैध कब्जा करने वालों को प्रकरण में सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया गया था. इसके बाद शासकीय भूमि से अवैध कब्जे को हटाने की कार्रवाई की गई. अतिक्रमण की कार्रवाई शुरू होने के बाद बारात घर संचालकों ने प्रशासन द्वारा की जा रही इस कार्रवाई का जमकर विरोध किया. इस दौरान मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को लीज के संबंध में दस्तावेज भी दिखाए गए. बताया गया है कि उक्त शासकीय भूमि में कब्जा कर बनाए गए विवाह घर संचालकों को दो माह पूर्व नोटिस दी गई थी. जिस पर उन्होंने विवाह घर के अतिक्रमण को नहीं हटाया. ऐसी स्थिति में उन्हें आखिरी नोटिस दी गई और मंगलवार को अवैध रूप से बनाए गए दोनों बारात घरों को जेसीबी लगाकर तोड़ दिया गया. धोबिया टंकी के समीप अनाथालय से लगी जिन दो बारात घरों में मंगलवार को बुलडोजर चलाया गया है उसमें उत्सव राजविलास मैरिज गार्डेन के संचालक द्वारा सामान हटाने के लिए कलेक्टर से मोहलत मांगी, जिसमें कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी ने मैरिज गार्डेन में लगे सामानों को सुरक्षित रखने की मोहलत दी. लेकिन तब तक आधा निर्माण तोड़ा जा चुका था.

सुबह सात बजे से शुरू हुई कार्यवाही

दोनो विवाह घरों को तोडऩे के लिये भारी पुलिस बल के साथ एसडीएम अनुराग तिवारी, हुजूर तहसीलदार अनुपम पाण्डेय सहित नगर निगम का अमला जेसीबी लेकर सुबह 7 बजे पहुंचा और उसके साथ ही अवैध निर्माण को तोडऩे की कार्यवाही शुरू कर दी गई. मार्ग में बैरीकेट्स सुरक्षा के दृष्टि से लगाए गये थे और मुख्य द्वार से लेकर अनाथालय के द्वार तक पुलिस का कडऱा पहरा रहा. विवाह घर के संचालकों का कहना था कि रात 8 बजे तहसीलदार को नोटिस मिला और सुबह 7 बजे से कार्यवाही शुरू हो गई, 12 घंटे का भी समय नही दिया गया. दो एकड़ से अधिक भूमि से अवैध निर्माण को हटाया गया. कार्यवाही के दौरान सामान हटाने का समय मिलने के बाद विवाह घर संचालको ने अपना सामान निकाला शुरू कर दिया.

बारात घर संचालक ने पक्षपात का लगाया आरोप

प्रशासन द्वारा आनन-फानन उत्सव राजविलास विवाह घर को जमीदोज करने का काम किया गया. प्रशासन द्वारा जिसे अवैध अतिक्रमण बताकर ढ़हाया गया. उसके संचालक विजय निगम ने पक्षपातपूर्ण कार्यवाही किये जाने का आरोप लगाया है. श्री निगम ने बताया कि उन्हे 24 घंटे की भी मोहलत नही दी गई. रात 8 बजकर 10 मिनट पर तहसीलदार की नोटिस मिली और सुबह साढ़े 7 बजे से कार्यवाही की गई. भूमि का उनके द्वारा अनाथालय ट्रस्ट से बकायदे 2030 तक के लिये अनुबंध लीज पर लिया गया था और 2027 तक के लिये नगर निगम से लाइसेंस प्राप्त किया गया. शासन की तमाम गाइड लाइन का पालन मेरे द्वारा किया जा रहा था उसके बाद भी कार्यवाही की गई. श्री निगम ने आरोप लगाया कि भूमि क्रमांक 812 में दो स्कूल संचालित है लेकिन उस पर कोई कार्यवाही नही की गई. केवल मेरे बारात घर को गिराया गया यह कहा का न्याय है.

बेदखली का पारित हुआ था आदेश

जेल रोड में अनाथालय की जिस सरकारी भूमि में बनाए गए दो मैरिज गार्डेन उत्सव राजविलास पैलेस एवं विंध्या मैरिज गार्डेन पर मंगलवार को प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है, उसमें तहसील कार्यालय से बेदखली का आदेश पारित हो चुका. अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुराग तिवारी द्वारा दी गई जानकारी में बताया गया है कि उक्त भूमि मध्यप्रदेश शासन की है जो राजस्व रिकार्ड में दर्ज है. नगर निगम द्वारा दिए गए परमीशन को भी निरस्त किया गया है. विधिवत जांच के बाद उक्त कार्रवाई की गई है. जबकि एक विवाह घर की परमीशन पहले ही निरस्त हो चुकी थी.

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