
नीमच। मनासा तहसील के ग्राम उचेड़ में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे में 58 वर्षीय किसान की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की कथित लापरवाही को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मदनलाल पिता भंवरलाल पाटीदार (58) मंगलवार को अपने खेत में मवेशियों को हांक रहे थे। इसी दौरान खेत के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन का एक तार नीचे झूल रहा था, जो खेत की फेंसिंग वायर के संपर्क में आ गया। जैसे ही मदनलाल फेंसिंग के पास पहुंचे, उसमें प्रवाहित करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए।
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने तत्काल परिजनों को सूचना दी। गंभीर अवस्था में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना स्थल के पास एक गाय भी मृत अवस्था में मिली, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उसकी भी करंट लगने से मौत हुई।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि खेत के पास झूल रहे बिजली के तारों की शिकायत पूर्व में कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों से की गई थी, लेकिन समय रहते कोई मरम्मत या सुधार कार्य नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि विभाग ने शिकायतों को गंभीरता से लिया होता तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था।
ग्रामीणों ने भी घटना को विभागीय लापरवाही का परिणाम बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने तथा मृतक किसान के परिजनों को शीघ्र उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग उठाई है।
घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में झूल रहे विद्युत तारों का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य कराया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
