कानपुर, 28 जुलाई (वार्ता) कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) की महत्वाकांक्षी न्यू कानपुर सिटी योजना को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से बड़ी कानूनी राहत मिली है। उच्च न्यायालय ने योजना के लिए की जा रही भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई को वैध ठहराते हुए इस संबंध में दायर रिट याचिका को निरस्त कर दिया है।
प्राधिकरण की ओर से बुधवार को जारी जानकारी के अनुसार, अनूप सिंह यादव एवं अन्य काश्तकारों द्वारा दायर रिट याचिका संख्या-27768/2026 को उच्च न्यायालय ने खारिज करते हुए प्राधिकरण की भूमि अर्जन प्रक्रिया की पुष्टि की है। मामले में प्राधिकरण की ओर से मुख्य स्थायी अधिवक्ता तथा अधिवक्ता जे.एन. मौर्य ने न्यायालय में पक्ष रखा।
प्राधिकरण के अनुसार न्यू कानपुर सिटी परियोजना का कुल क्षेत्रफल 153.3 हेक्टेयर है। इसमें से 108 हेक्टेयर भूमि, जो कुल क्षेत्रफल का लगभग 71 प्रतिशत है, प्राधिकरण के पक्ष में अधिग्रहित अथवा क्रय की जा चुकी है।
प्राधिकरण ने बताया कि शेष भूमि का क्रय किसानों की सहमति के आधार पर किया जा रहा है। भूमि अर्जन की पूरी प्रक्रिया ‘भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013’ तथा उत्तर प्रदेश नियमावली-2016 के प्रावधानों के अनुरूप संचालित की जा रही है।
केडीए के अनुसार परियोजना स्थल पर विकास कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। उच्च न्यायालय के आदेश से परियोजना के क्रियान्वयन को गति मिलने की उम्मीद है।
