सतना:गुरु पूर्णिमा महोत्सव पखवाड़ा के अंतर्गत जिले का मुख्य समारोह रविवार को शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बगहा में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। गुरु सम्मान एवं मेधावी छात्र सम्मान समारोह में शिक्षकों के प्रति श्रद्धा, विद्यार्थियों की प्रतिभा और शिक्षा के प्रति समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में सतना सांसद गणेश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि जिला शिक्षा अधिकारी सलोनी शर्मा ने अध्यक्षता की। वार्ड पार्षद अभिषेक तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन एवं गुरु वंदना के साथ हुआ।
विद्यालय परिवार ने अपने सभी गुरुजनों का पुष्पमालाओं एवं सम्मान-पत्र भेंट कर अभिनंदन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति में गुरु की सर्वोच्च भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार और जीवन मूल्यों की भी नींव रखते हैं। समारोह का मुख्य आकर्षण माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षा की प्रवीण (मेरिट) सूची में स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं का सम्मान रहा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान विद्यालय की वार्षिक पत्रिका आलोक का भी विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया।
बगहा मॉडल से सीखें जिले के सभी विद्यालय: गणेश सिंह
अपने संबोधन में सांसद गणेश सिंह ने कहा कि शिक्षा राष्ट्र निर्माण का सबसे सशक्त आधार है और गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि शासकीय सांदीपनि विद्यालय बगहा ने उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देकर पूरे जिले के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। जिले के अन्य सांदीपनि विद्यालयों को भी यहां की कार्यप्रणाली से सीख लेकर शत-प्रतिशत परिणाम की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को सुझाव दिया कि प्रत्येक विकासखंड में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की एक टीम गठित की जाए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक मार्गदर्शन मिल सके और जिले का बोर्ड परीक्षा परिणाम और अधिक उत्कृष्ट बनाया जा सके।
बेहतर परिणाम के लिए हरसंभव प्रयास होंगे: डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी सलोनी शर्मा ने विद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सम्मान समारोह विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, आत्मविश्वास और उत्कृष्टता की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि जिले के परीक्षा परिणामों को बेहतर बनाने के लिए विभाग निरंतर प्रयासरत है और सभी विद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
30 प्रतिशत से 99.2 प्रतिशत तक पहुंचा विद्यालय का परिणाम
विद्यालय के प्राचार्य रघुवंश प्रसाद मिश्रा ने विद्यालय की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जब विद्यालय को सांदीपनि विद्यालय का स्वरूप मिला था, तब कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम मात्र 30 प्रतिशत था। शिक्षकों की मेहनत, विद्यार्थियों की लगन और अभिभावकों के सहयोग से सत्र 2025-26 में विद्यालय का परिणाम 99.2 प्रतिशत** तक पहुंच गया। उन्होंने कहा कि सत्र 2026-27 के लिए विद्यालय ने शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम का लक्ष्य निर्धारित किया है।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला योजना अधिकारी आलोक सिंह, डीपीसी दिवाकर तिवारी, बीईओ टी.के. मिंज, जे.एन. पाण्डेय, लक्ष्मीकांत पटेल, अमित सिंह, घनश्याम मिश्रा, नीलम सिंह, प्रभात गौतम, भास्कर पाण्डेय, ओम प्रकाश तिवारी, राजेन्द्र सिंह, प्रमोद सिंह, विवेक चन्द्र पाण्डेय, रजनीकांत त्रिपाठी, आदित्यनारायण त्रिपाठी, सतीश गुप्ता, विनय कनौजिया, सुजीत कुमार गर्ग, कुंदन सिंह, प्रियस सिंह, सरला गुप्ता, मंजूलता पाण्डेय, सरस्वती बाला, विनीता सिंह, छाया वासानी सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
