
रीवा, शहर के अंदर कांग्रेस दो फाड़ में बटती नजर आ रही है. कई कांग्रेस नेता नाराज चल रहे थे जिनके द्वारा अपनी एकता का परिचय के साथ जिला संगठन को स्नेह मिलन एवं जन संवाद कार्यक्रम के माध्यम से बगावत का संदेश दिया है.
कार्यक्रम में संगठन से नाराज चल रहे पदाधिकारियों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया. मजे की बात तो यह है कि कांग्रेस शहर अध्यक्ष ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यह शहर कांग्रेस से स्वीकृत व अनुमति प्राप्त कार्यक्रम नही है. इस कार्यक्रम से यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस में बगावत शुरू हो चुकी है. शनिवार को वार्ड क्रमांक 27 के पार्षद एवं पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनीष नामदेव के नेतृत्व में ‘स्नेह मिलन एवं जनसंवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान प्रदेश कांग्रेस महासचिव गुरमीत सिंह मंगू, पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष शहीद मिस्त्री, वरिष्ठ नेता केके गुप्ता, डॉ. विमल दुबे, पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष लल्लन खान, मकदूम खान, अरुण चतुर्वेदी, संजय तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में संगठन की वर्तमान स्थिति, कार्यकर्ताओं की भूमिका और भविष्य की रणनीति पर खुलकर चर्चा हुई.
जनसंवाद में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि कांग्रेस संगठन की वास्तविक शक्ति उसके जमीनी कार्यकर्ता हैं. यदि कार्यकर्ताओं के साथ नियमित संवाद स्थापित किया जाए, उन्हें सम्मान दिया जाए और संगठनात्मक निर्णयों में उनकी सहभागिता सुनिश्चित की जाए, तो संगठन स्वत: मजबूत होगा और कांग्रेस जन-जन तक अपनी बात प्रभावी ढंग से पहुंचा सकेगी. वक्ताओं ने कहा कि केवल बैठकों और औपचारिक कार्यक्रमों से संगठन सशक्त नहीं बनता, बल्कि कार्यकर्ताओं के सुख-दुख में सहभागी बनकर, उनके सुझावों को महत्व देकर तथा उन्हें सक्रिय भूमिका देकर ही कांग्रेस को नई ऊर्जा मिल सकती है. पार्षद मनीष नामदेव ने कहा कि पद आते जाते रहते है, किसी को घमंड नही करना चाहिये. कार्यक्रम में अनिल मिश्रा, धीरेन्द्र राहुल मिश्रा, वसीम खान, पंकज उपाध्याय, लियाकत अली आदि मौजूद रहे.
