नयी दिल्ली 25 जुलाई (वार्ता) भारतीय तटरक्षक बल ने नागरिक प्रशासन के साथ तालमेल से काम करते हुए पिछले तीन दिनों में लगातार बारिश, भीषण बाढ़ और बेहद चुनौतीपूर्ण मौसम की स्थिति के बीच चलाये गये 11 बचाव अभियानों में दमन, दादरा और नगर हवेली तथा दक्षिण गुजरात के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे 170 लोगों को बचाया है। रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात को खानवेल, सिलवासा से पांच फंसे हुए लोगों को बचाकर बचाव अभियान शुरू किया गया। इसके बाद, कदैय्या तटीय क्षेत्र में बाढ़ग्रस्त नदी के किनारे फंसे तीन मछुआरों को भी सुरक्षित निकाला गया। सबसे बड़े बचाव अभियानों में से एक में, बाढ़ प्रभावित वेल्सपन औद्योगिक क्षेत्र में फंसे 60 लोगों को, जहां सड़क संपर्क पूरी तरह से बाधित हो गया था, गुरुवार तथा शुक्रवार की दरम्यानी रात को सुरक्षित निकाला गया। इसके बाद चलाये गये अभियानों में एयरो फाइबर प्राइवेट लिमिटेड के पास बाढ़ के पानी में फंसी एक बस से सात लोगों को बचाना, डोंगरी से दस लोगों को निकालना, वलसाद-पर्डी क्षेत्र से हेलीकॉप्टर द्वारा फंसे चार लोगों को बचाना और रिलायंस इंडस्ट्रीज क्षेत्र से रात भर में आठ लोगों को निकालना शामिल था।
एक अन्य महत्वपूर्ण बचाव अभियान में तटरक्षक बल ने अवध सोसाइटी क्षेत्र से दस लोगों को निकाला, जिनमें नौ माह की गर्भवती महिला और सांस लेने में तकलीफ से पीड़ित एक महिला शामिल थीं और उन्हें समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध करायी। शुक्रवार को, भारतीय तटरक्षक बल के दो हेलीकॉप्टरों ने नवसारी जिले के मेंदर गांव से 33 फंसे हुए लोगों को सफलतापूर्वक एयरलिफ्ट किया, जिनमें एक ऐसा व्यक्ति भी शामिल था जिसे सीने में तेज दर्द हो रहा था और उसे तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की गयी। प्रतिकूल मौसम, तेज धाराओं और खतरनाक परिचालन स्थितियों के बावजूद, तटरक्षक कर्मियों ने बिना रुके बचाव कार्य जारी रखा, जिससे सेवा के आदर्श वाक्य ‘वयम रक्षामः’ (हम रक्षा करते हैं) को सार्थक किया। भारतीय तटरक्षक बल नागरिक प्रशासन को सहयोग देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और मौजूदा बाढ़ की स्थिति से उत्पन्न होने वाली किसी भी आपात स्थिति का तुरंत जवाब देने के लिए उच्च स्तर की परिचालन तत्परता बनाये रखता है।

