जबलपुर:मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में साफ किया कि सेवा समाप्ति से जुड़े विवाद में कलेक्टर के अंतिम निर्णय तक संविदा शिक्षक की सेवाएं जारी रहेंगी। कोर्ट ने अंतरिम संरक्षण को यथावत रखते हुए स्पष्ट किया कि सक्षम प्राधिकारी के अंतिम निर्णय तक याचिकाकर्ता को सेवा से पृथक नहीं किया जाएगा।
दरअसल अनूपपुर जिले के प्राथमिक विद्यालय पतेरा टोला, छिल्पी में पदस्थ संविदा शिक्षक वंशीधर पटेल की ओर से अधिवक्ता केके पांडेय ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि राजनीतिक दबाव के चलते बिना कारण बताओं नोटिस जारी किए और बिना सुनवाई का अवसर दिए याचिकाकर्ता की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। याचिका में यह भी कहा गया कि अनुचित दबाव नहीं मानने वाले अधिकारी को हटाकर नए अधिकारी की पदस्थापना की गई और पदभार ग्रहण करते ही उसी दिन सेवा समाप्ति का आदेश जारी कर दिया गया। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि इसी प्रकार के मामलों में पूर्व में भी न्यायालय दिशा-निर्देश जारी कर चुका है। कोर्ट ने उन्हीं निर्देशों को वर्तमान मामले में लागू करते हुए अंतरिम राहत जारी रखी और आदेश दिया कि कलेक्टर द्वारा अंतिम निर्णय लिए जाने तक याचिकाकर्ता संविदा शिक्षक के रूप में कार्य करता रहेगा।
