फसलों को मिला जीवनदान, लेकिन जलस्त्रोत अब भी खाली

शाजापुर, तेज धूप व बारिश के अभाव में मरणासन्न स्थिति में पहुंची फसलों को दो दिन से हो रही बारिश ने नया जीवनदान दिया है, जो अब पुन: लहलहाने लगी हैं. इस बारिश से नगरवासियों को गर्मी से भी राहत मिली है, लेकिन जिले भर के मुख्य जलस्त्रोत अब तक सूखे पड़े हैं, जिन्हें झमाझम बारिश की दरकार है, जो अब तक देखने को नहीं मिली है.

लंबे समय बाद नगरवासियों का बारिश का इंतजार खत्म तो हुआ, लेकिन अब तक केवल नगरवासी बूंदाबांदी से ही संतोष कर रहे हैं. बुधवार को भी कुछ देर के लिए तेज बारिश हुई जो बाद में रिमझिम फुहारों में बदल गई थी, जिससे मौसम में तो ठंडक घुल गई, लेकिन तेज बारिश न होने से कुछ देर बाद मौसम फिर सामान्य हो गया और लोगों का उमस से बुरा हाल होने लगा. मौसम के यह हाल लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं, क्योंकि जब तक झमाझम वर्षा नहीं होती जलस्त्रोतों में जलभराव नहीं होगा. जिनके भरने का इंतजार सभी को है. मौसम विभाग द्वारा भी बारिश की संभावना तो जताई जाती है, लेकिन झमाझम बारिश को लेकर मौसम विभाग भी बनते-बिगड़ते सिस्टम पर ही निर्भर है. जिससे न तो नगरवासियों की और नही किसानों की चिंता दूर हुुई है.

बांध का जलस्तर शून्य, डेडस्टोरेज से हो रही जलपुर्ति

नगर के मुख्य जलस्त्रोत चीलर बांध की बात करें, तो उसमें एक फीट भी पानी नहीं है. नगर पालिका द्वारा डेड स्टोरेज से पानी खींचकर नगर में जलापूर्ति की जा रही है. जो लंबे समय तक साथ नहीं देने वाली. ऐसे में जलसंकट की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता. इधर मौसम विभाग का कहना है कि अभी ऐसा कोई सिस्टम नहीं बन रहा है. आगामी कुछ दिन और मौसम ऐसा ही बना रहेगा, लेकिन तेज बारिश का सिस्टम कब बनेगा इसके बारे में अभी कुछ भी कह पाना संभव नहीं है.

इनका कहना है

चीलर बांध का जलस्तर शून्य है. जो नगर में अभी डेड स्टोरेज से पानी की पूर्ति की जा रही है.

– अंकित पाटीदार, एसडीओ, सिंचाई विभाग-शाजापुर

नगर में जलसंकट जैसी कोई स्थिति नहीं है. नगरवासियों को पर्याप्त जलापूर्ति जारी रहेगी.

– प्रेम जैन, नपाध्यक्ष-शाजापुर

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