सीजेपी ने शुक्रवार को देशव्यापी प्रदर्शन का किया आह्वान

नयी दिल्ली, 23 जुलाई (वार्ता) कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने परीक्षा संबंधी मुद्दों के खिलाफ जारी आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में कल शुक्रवार को देशव्यापी प्रदर्शन दिवस मनाने की घोषणा की है।

संगठन ने छात्रों, समर्थकों और नागरिक समाज समूहों से देश के सभी जिलों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का आग्रह किया है।

सोशल मीडिया पर “हर जिला, एक दिन, एक मांग” नारे के साथ एक अपील जारी करते हुए संगठन ने प्रतिभागियों से निर्धारित स्थानों पर एकत्र होने, छात्रों की मांगों को सार्वजनिक रूप से पढ़ने और संबंधित जिला प्रशासनों को ज्ञापन सौंपने को कहा है।

इस अभियान को सुचारू बनाने के लिए सीजेपी ने एक मानक संचालन प्रक्रिया, प्रचार सामग्री और एक मॉडल ज्ञापन जारी किया है। इसने स्थानीय समन्वयकों को आवश्यक अनुमतियां लेने, छात्र संघों और समान विचारधारा रखने वाले संगठनों के साथ तालमेल करने और यह सुनिश्चित करने की सलाह दी है कि प्रदर्शन पूरी तरह से अनुशासित और अहिंसक रहें।

सीजेपी का यह देशव्यापी आह्वान ऐसे समय में आया है जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी नीट-यूजी 2026 सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

अधिकारियों ने गुरुवार को प्रदर्शन स्थल के आसपास कड़े सुरक्षा प्रबंध बनाए रखे। दिल्ली पुलिस के जवान बड़ी संख्या में तैनात रहे, जबकि दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने लगातार दूसरे दिन सुबह 7.30 बजे से अगले आदेश तक 16 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा। प्रभावित स्टेशनों में राजीव चौक, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय और सुप्रीम कोर्ट स्टेशन शामिल हैं। बातचीत शुरू करने के नए प्रयासों के बावजूद प्रदर्शनकारियों और केंद्र के बीच गतिरोध बना रहा।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार छात्र प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के लिए तैयार है और बुधवार से अब तक बातचीत के लिए चार निमंत्रण भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि वह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा बिना किसी समय सीमा के सीजेपी नेतृत्व से मिलने के लिए उपलब्ध हैं।

श्री सिंह ने कहा, “यह छात्रों के कल्याण के लिए सरकार के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। मैं सभी से चर्चा के लिए आगे आने की अपील करता हूं।”

हालांकि, सीजेपी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के आवास या कार्यालय में बैठक आयोजित करने के सरकार के प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि संगठन ने कोई भी चर्चा या तो प्रदर्शन स्थल पर या पास में किसी परस्पर सहमत तटस्थ स्थान पर आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है। श्री रांका ने कहा, “मंत्रियों ने कहा कि वे जनता के गुस्से के कारण जंतर-मंतर नहीं आ सकते। हमने बैठक के लिए एक तटस्थ स्थान का सुझाव दिया।”

उन्होंने कहा कि संगठन तभी बातचीत करेगा जब सरकार कोई ठोस समाधान देने के लिए तैयार हो। उनका कहना था कि बिना किसी ठोस प्रस्ताव के बातचीत का कोई औचित्य नहीं है।

इससे पहले सुबह के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोहराया कि देश के युवाओं के हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और अन्य परीक्षा संबंधी धांधली के लिए जिम्मेदार लोगों को सख्त कानूनी नतीजों का सामना करना पड़ेगा।

प्रधानमंत्री ने परीक्षा पेपर लीक से जुड़े मामलों की तेजी से सुनवाई और कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों की स्थापना की भी घोषणा की।

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