नयी दिल्ली 23 जुलाई (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों पर नीट पेपर लीक मामले पर व्यवस्था बनाने के बजाय अराजकता फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। डॉ. त्रिवेदी गुरुवार को संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सांसद राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) और शिक्षा व्यवस्था पर संसद में चर्चा की मांग रहे हैं लेकिन कांग्रेस नहीं चाहती कि सदन में इस पर चर्चा हो। भाजपा नीत राजग सरकार इस मुद्दे को लेकर संवेदनशील है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को साफ कहा कि छात्रों के हितों से बढ़कर कुछ भी नहीं है और वे इस बात को लेकर स्पष्ट हैं कि दोषियों को कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए। इसलिए, फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फ़ैसला लिया गया ताकि तेज़ी से न्याय मिल सके और दोषियों को तुरंत सज़ा दी जा सके। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार विद्यार्थियों के हितों के प्रति संवेदनशील है। छात्रों को किसी राजनीतिक नज़रिए से नहीं देख रही है। विपक्ष व्यवस्था बनाने के बजाय अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है। मैं छात्रों से यह भी कहना चाहता हूँ कि आपको बहुत सावधान रहने की ज़रूरत है क्योंकि कुछ मौकापरस्त, सत्ता के भूखे और अराजक तत्व आपके आंदोलन का फ़ायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं और ये वही लोग हैं जो अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए समय-समय पर अपना चेहरा बदलते रहते हैं।”
भाजपा सांसद ने कहा कि ये वही लोग हैं जो राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और किसान आंदोलन के समय भी देखे गए थे। फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फ़ैसला ले लिया गया है। जनता को यह तय करने दें कि कौन सही है, कौन गलत है, कौन ईमानदारी के लिए प्रतिबद्ध है और कौन पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। इससे पहले डॉ. त्रिवेदी ने इस नीट के मुद्दे पर श्री मोदी के एक्स पर पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए लिखा, “नरेन्द्र मोदी सरकार छात्रों के हितों के प्रति संवेदनशील है और दोषियों को कड़ी सज़ा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।”

