ग्राउंड रिपोर्ट: मल्टीलेवल पार्किंग बनी, फिर भी MP नगर जाम से क्यों परेशान?

भोपाल: एमपी नगर शहर का सबसे व्यस्त कारोबारी इलाका है। हर दिन यहां हजारों लोग खरीदारी, दफ्तर और अन्य कामों से पहुंचते हैं। लेकिन बड़ा सवाल यही है, करोड़ों रुपये की लागत से बनी मल्टीलेवल पार्किंग होने के बावजूद सड़कों पर बड़ी संख्या में वाहन क्यों खड़े दिखाई देते हैं? इसी सवाल का जवाब तलाशने हम एमपी नगर जोन वन और जोन टू पहुंचे।
ग्राउंड रिपोर्ट में पार्किंग के अंदर कई स्लॉट खाली मिले, जबकि कई वाहनों से भरे हुए भी थे। पार्किंग का इस्तेमाल करने वाले लोगों का कहना है कि यहां सफाई, सुरक्षा और व्यवस्था संतोषजनक है। उनका मानना है कि अगर ज्यादा लोग इस सुविधा का उपयोग करें, तो सड़कों पर जाम काफी हद तक कम हो सकता है।
दूसरी ओर पार्किंग भवन से कुछ ही दूरी पर सड़क किनारे बड़ी संख्या में वाहन खड़े मिले। पीक आवर्स में यही अवैध पार्किंग ट्रैफिक की रफ्तार धीमी कर देती है और जाम की बड़ी वजह बनती है।
हालांकि, कुछ दुकानदारों की राय इससे अलग है। उनका कहना है कि ग्राहक दुकान के सामने ही वाहन पार्क करना ज्यादा सुविधाजनक समझते हैं। उनका आरोप है कि मल्टीलेवल पार्किंग में शुल्क और सुविधाओं को लेकर लोगों की शिकायतें रहती हैं, इसलिए वे वहां जाने से बचते हैं।
पड़ताल में यह भी सामने आया कि यहां भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से किया जाता है। सवाल यह भी है कि क्या डिजिटल पेमेंट की अनिवार्यता कुछ लोगों के लिए परेशानी बन रही है?
पार्किंग परिसर में क्षमता से जुड़े आंकड़े प्रदर्शित किए गए हैं, लेकिन पार्किंग स्टाफ के मुताबिक सामान्य दिनों में वास्तविक संख्या क्षमता से काफी कम रहती है। यानी सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद उसका पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा। इस पड़ताल में दो तस्वीरें सामने आईं। एक तरफ आधुनिक पार्किंग सुविधा, जिसे इस्तेमाल करने वाले लोग सुरक्षित और सुविधाजनक बताते हैं। दूसरी तरफ सड़क किनारे पार्किंग की आदत, सुविधाओं को लेकर शिकायतें और नियमों का कमजोर पालन। नतीजा मल्टीलेवल पार्किंग होने के बावजूद एमपी नगर की सड़कें आज भी जाम से जूझ रही हैं। अब सवाल यह है कि समाधान सिर्फ नई पार्किंग बनाना है, या फिर लोगों की आदत बदलने और नियमों को सख्ती से लागू करने की भी उतनी ही जरूरत है?

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