सतना : जिले के करसरा गांव की स्कूल शिक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खोलती हुई एक बदहाल तस्वीर सामने आई है. यहाँ स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में करीब 400 छात्र-छात्राएं हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं. स्कूल की इमारत बेहद जर्जर हो चुकी है और छज्जों के गिरने से हर वक्त किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है.
शिक्षार्थियों के लिए हालात इतने गंभीर हैं कि अब स्कूल में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) पकाने तक के लिए स्थान नहीं बचा है. स्थिति की विडंबना यह है कि जिस जगह बच्चे बैठकर भोजन करते हैं, अब वहीं उनकी कक्षाएं भी लगाई जा रही हैं.
स्कूल प्रशासन लंबे समय से प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगा रहा था. नए भवन के निर्माण की गुहार लगाते-लगाते स्कूल के प्राचार्य तक सेवानिवृत्त हो गए, लेकिन व्यवस्था के नाम पर उन्हें सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले.
इनका कहना
मामला संज्ञान में आया है,पूरे मामले की जांच करवाकर शीघ्र ही उचित कार्रवाई की जाएगी.
सलोनी शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी
