बेटी के जन्म पर ससुराल वालों ने किया प्रताड़ित, दूसरी शादी के लिए पति बना रहा तलाक का दबाव

जबलपुर:बेलबाग थाना अंतर्गत शीतलामाई में एक महिला को बेटी पैदा होने पर ससुराल वालों द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया बल्कि पति द्वारा मारपीट कर जबरन तलाक का दबाव बनाया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर पति, सास, ससुर और जेठ के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस ने बताया कि सुहागी अधारताल निवासी 27 वर्षीय जागृति वैद्य का विवाह 8 जून 2016 को शीतलामाई घमापुर निवासी शुभम वैद्य के साथ हुआ था। शादी के एक साल बाद 2017 में जागृति ने एक बेटी को जन्म दिया। बेटी के जन्म के बाद से ही ससुराल वालों का रवैया पूरी तरह बदल गया। सास, ससुर और जेठ आए दिन बेटी के जन्म को लेकर उलाहना देने लगे और जागृति को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे।
जागृति का आरोप है कि उसका पति शुभम शराब का आदी है और नशे में धुत होकर आए दिन उसके साथ मारपीट करता था। हद तो तब हो गई जब ससुराल वालों ने मिलकर उसे घर से भगा दिया। माता-पिता के समझाने पर जागृति दोबारा ससुराल लौटी, लेकिन प्रताड़ना कम नहीं हुई। आरोपियों ने उसे और उसकी मासूम बेटी को फिर से घर से निकाल दिया, जिसके बाद से वह किराए के मकान में रहने को मजबूर है।
दूसरी शादी के लिए कोर्ट में लगाया तलाक का केस
किराए के मकान में रहने के बावजूद पति का अत्याचार बंद नहीं हुआ। वह अक्सर शराब पीकर आता और गाली-गलौज करता था। इस बीच सास, ससुर और जेठ ने शुभम के जरिए न्यायालय में तलाक का मामला भी दर्ज करवा दिया। जब जागृति ने पति से तलाक का कारण पूछा, तो उसने बेझिझक कहा कि वह किसी और से दूसरी शादी करना चाहता है।
19 जुलाई की सुबह करीब 11:30 बजे पति शुभम जागृति के किराए के मकान में पहुंचा। उसने जागृति पर तुरंत तलाक देने का दबाव बनाया। जब जागृति ने तलाक देने से साफ मना कर दिया, तो शुभम ने उसके उसके गाल पर जोरदार थप्पड़ जड़ दिए। पति की हरकतों और ससुराल पक्ष के उत्पीड़न से तंग आकर जागृति ने बेलबाग थाने में शिकायत दर्ज कराई।

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