इंदौर: शहर में एयरपोर्ट से लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ने वाली बहुचर्चित इकोनॉमिक कॉरिडोर सड़क का काम शुरू हो गया है. पहले चरण में 14 किलोमीटर से ज्यादा लंबी एवं ढाई सौ फीट चौड़ी सड़क बनाई जा रही है, जिसका ठेका 267 करोड़ रुपए में दिया गया है. खास बात यह है कि उक्त सड़क निर्माण की पूरी योजना 2360 करोड़ रुपए की है.
मध्यप्रदेश इंडस्टि्रयल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा बहुचर्चित और पीथमपुर के उद्योगों के लिए जीवन रेखा इकोनॉमिक कॉरिडोर सड़क का निर्माण कर रहा है. उक्त इकोनॉमिक कॉरिडोर के पहले चरण का काम ग्राम सिंदौड़ा एवं सिंदौड़ी में शुरू हो गया है. उक्त सड़क का 14.7 किलोमीटर लंबी और 75 मीटर यानि 250 फीट चौड़ी सड़क का निर्माण 267 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है. इकोनॉमिक कॉरिडोर सड़क बनाने का ठेका मेसर्स उदित ग्रुप ऑफ कम्पनीज को दिया गया है.
फिलहाल सड़क के मुख्य कैरेज वे का निर्माण शुरू कर दिया गया है. ध्यान रहे कि इकोनॉमिक कॉरिडोर 1300 हेक्टेयर जमीन पर विकसित किया जाएगा. मुख्य सड़क 8 लेन और दोनों तरफ दो-दो लेन सर्विस रोड का निर्माण होगा. साथ ही सड़क के बीच में प्रस्तावित मैट्रो रेल निर्माण के लिए भी जगह रखी जा रही है. उक्त योजना में 17 गांव की जमीन ली गई है और किसानों को विकसित जमीन के कुल 60 प्रतिशत प्लॉट दिए जाएंगे. सड़क के दोनों तरफ तीन-तीन सौ मीटर में व्यवसायिक गतिविधियों होटल, ढाबा, मॉल, कॉरपोरेट ऑफिस एवं बहुमंजिला इमारतों के निर्माण हेतु विकसित प्लॉट भी उपलब्ध होंगे. इसके अलावा एयरपोर्ट से पीथमपुर एवं राष्ट्रीय राजमार्ग इंदौर मुंबई एवं इंदौर -अहमदाबाद से इकोनॉमिक कॉरिडोर की सीधी कनेक्टिविटी होगी.
दो साल में पूरा करने का लक्ष्य
एमपीआईडीसी प्रोजेक्ट कार्यपालन यंत्री भावेश अग्रवाल ने बताया कि पहले चरण का काम मुख्यमंत्री द्वारा भूमिपूजन के बाद शुरू कर दिया गया है. उक्त सड़क का संपूर्ण विकास 2 दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इकोनॉमिक कॉरिडोर के बीच में एम आर-10 सड़क की तरह ही बीच में मेट्रो रेल लाइन की जगह छोड़ी जा रही है. कुल 12 लेन चौड़ी सड़क का निर्माण होगा.
कॉरिडोर की विशेषता
इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर सड़क 75 मीटर चौड़ी, 20 किलोमीटर लंबी बनेगी. उक्त सड़क के दोनों ओर 300-300 मीटर में व्यवसायिक प्लॉट विकसित किए जाएंगे. इस योजना को 1300 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन विकसित किया जा रहा है. उक्त सड़क की पूरी लागत 2360 करोड़ है. सड़क निर्माण के बाद पीथमपुर इंडस्टि्रयल एरिया में निवेश से सीधे एयरपोर्ट तक कार्गो सेवाएं एवं राष्ट्रीय राजमार्ग से कंटेनरों की आवाजाही बहुत बढ़ने की संभावना है. साथ ही इकोनॉमिक कॉरिडोर में जमीन देने वाले किसानों को प्रत्यक्ष एवं दीर्घकालिक आर्थिक लाभ भी मिलेगा
