सतना: जिले के कोठी क्षेत्र में तेंदुए की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। शुक्रवार देर रात मौहार गांव में घर के सामने खेत में बने बाड़े में घुसकर भेड़-बकरियों पर हमला कर दिया। हमले में तीन भेड़ों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार भेड़ें गंभीर रूप से घायल हो गईं। वहीं, तीन अन्य भेड़ें अभी भी लापता हैं। घटना के बाद पूरे गांव में डर का माहौल बना हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मौहार गांव निवासी पशुपालक दीपेंद्र पाल ने अपने घर के सामने खेत में बाड़ा बना रखा था, जहां भेड़-बकरियां बंधी हुई थीं। शुक्रवार रात करीब 12 बजे अचानक भेड़ों के तेज आवाज में मिमियाने की आवाज सुनाई दी। दीपेंद्र पाल ने जब बाहर देखा तो उन्हें तेंदुए जैसे जंगली जानवर को भेड़ों के झुंड पर हमला करते हुए दिखाई दिया। डर के कारण परिवार का कोई भी सदस्य उस समय बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
सुबह जब पशुपालक बाड़े में पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर हैरान रह गए। तीन भेड़ें मृत अवस्था में पड़ी मिलीं। वहीं, करीब 100 मीटर दूर चार भेड़ें घायल हालत में मिलीं। तीन अन्य भेड़ों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पशुपालक को इस हमले से बड़ा नुकसान हुआ है।घटना की सूचना मिलने के बाद ट्रेनी रेंजर पराग जैन वन अमले के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने आसपास के क्षेत्र में जांच की और तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान गीली मिट्टी में मिले पगमार्क प्रथम दृष्टया तेंदुए के पाए गए हैं। वन विभाग अब पूरे मामले की जांच कर रहा है।
8 दिन के अंतराल में दूसरी घटना
मौहार गांव जंगल क्षेत्र से करीब चार किलोमीटर दूर स्थित है। इससे पहले 9 जुलाई की रात कोठी क्षेत्र के शिवसागर गांव में भी तेंदुए ने हमला किया था। उस घटना में तेंदुए ने नौ भेड़ों को मार दिया था। लगातार दूसरी घटना सामने आने के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। लगातार हो रहे वन्यजीव हमलों को देखते हुए ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
