
उज्जैन। श्री महाकाल लोक में सप्तऋषियों की भव्य पाषाण प्रतिमाएं लगभग पूरी तरह तैयार हो चुकी हैं और अब उन्हें महाकाल लोक में स्थापित किए जाने का इंतजार है। इन प्रतिमाओं के साथ भगवान शिव की एक विशाल प्रतिमा तथा कमल दल के आकार वाले पेडस्टल भी तैयार किए गए हैं।
लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इन प्रतिमाओं को राजस्थान के बंसी पहाड़पुर के प्रसिद्ध लाल बलुआ पत्थर से तैयार किया गया है, जिसे भरतपुर जिले के रूपवास क्षेत्र से लाया गया है। इन प्रतिमाओं का निर्माण उस घटना के बाद कराया गया, जब 29 मई 2023 को आए भीषण आंधी-तूफान में महाकाल लोक में स्थापित एफआरपी (फाइबर रिइनफोर्स्ड प्लास्टिक) से बनी सप्तऋषियों की मूर्तियां गिर गई थीं। उस हादसे में छह प्रतिमाएं गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थीं। उस समय प्रत्येक प्रतिमा की लागत लगभग 66 लाख रुपये थी। बाद में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर अगस्त 2023 में नई फाइबर प्रतिमाएं स्थापित कराई गई थीं।
