इंदौर। छत्रीबाग स्थित श्री लक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान से गुरुवार को ब्रह्मोत्सव एवं रथयात्रा महोत्सव के अंतर्गत देश की तीसरी सबसे बड़ी पारंपरिक और गौरवशाली रथयात्रा भव्य रूप से निकाली गई। धार्मिक आस्था और उत्साह से सराबोर इस आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। रथयात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में “गोविंदा-गोविंदा” के जयघोष गूंजते रहे, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने प्रभु वेंकटेश के रजत रथ के दर्शन किए और पूरे उत्साह के साथ यात्रा में शामिल हुए।
रथयात्रा का मुख्य आकर्षण प्रभु वेंकटेश के रजत रथ को श्रद्धालुओं द्वारा अपने हाथों से खींचना रहा। बड़ी संख्या में भक्तों ने इसे सौभाग्य और पुण्य का अवसर मानते हुए रथ को खींचकर आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन के दौरान धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की झलक भी देखने को मिली। इंदौर की इस ऐतिहासिक और गौरवशाली रथयात्रा ने एक बार फिर शहर की समृद्ध धार्मिक परंपरा और श्रद्धा को प्रदर्शित किया।
