
खंडवा। जिले में उर्वरक की कालाबाजारी और अनियमितताओं पर कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रूस्तमपुर स्थित मेसर्स प्रेरणा कृषि सेवा केन्द्र के संचालक के खिलाफ पंधाना थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। जांच में रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।
उप संचालक कृषि नितेश यादव ने बताया कि उर्वरक निरीक्षक एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी जितेन्द्र सिंह दादौरिया ने बुधवार को प्रेरणा कृषि सेवा केन्द्र का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि फर्म द्वारा उर्वरक भंडारण एवं विक्रय में उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 की धारा 4, 5, 8 एवं 35 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों का उल्लंघन किया जा रहा था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) मशीन में यूरिया के 1102 बैग उपलब्ध दर्शाए जा रहे थे, जबकि मौके पर निरीक्षण के दौरान यूरिया का एक भी बैग नहीं मिला। विभाग का कहना है कि यह स्थिति अवैध व्यापार और स्टॉक में हेराफेरी की ओर संकेत करती है।
जांच में यह भी सामने आया कि केंद्र संचालक ने शासन के ई-टोकन सिस्टम संबंधी निर्देशों का पालन नहीं किया। किसानों को पारदर्शी तरीके से उर्वरक वितरण सुनिश्चित करने के लिए लागू व्यवस्था की अनदेखी की गई।
इन गंभीर अनियमितताओं के आधार पर उर्वरक निरीक्षक ने बुधवार देर रात पंधाना थाने में संबंधित संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और नियमों के उल्लंघन के मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि किसानों को समय पर और पारदर्शी तरीके से उर्वरक उपलब्ध हो सके।
