भोपाल। हुजूर तहसील के ग्राम चंदेरी में बुधवार को कलेक्टर द्वारा शुरू की चौपाल का आयोजन किया गया. इस चौपाल में कलेक्टर की व्यस्तता के चलते एडीएम सुमित कुमार पांडे ने चौपाल के माध्यम से किसानों की समस्याओं को सुना. जिसमें किसान रामनरेश ने एडीएम को अपनी समस्या सुनाते हुए कहा कि साहब बारिश के बाद हमें खरीफ की फसल की बुआई शुरू करनी है, लेकिन लगातार प्रयास करने के बाद भी स्लॉट बुक नहीं हो रहा है. इसके कारण बड़ा परेशान हूं. सुनवाई उपरांत एडीएम पांडे ने मौजूद कृषि अधिकारी व तहसीलदार को जल्द समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए. इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट के नेतृत्व में 30 से ज्यादा किसान समय पर नामांतरण न होने की शिकायत लेकर भी पहुंचे. किसानों ने बताया कि नामांतरण करने के बाद महीनों तक पटवारी व राजस्व निरीक्षक के चक्कर काटने पड़ते हैं. तब कहीं जाकर काम होता है. यह सुनकर एडीएम नाराज हुए और उन्होंने एसडीएम विनोद सोनकिया और अतिरिक्त तहसीलदार अतुल शर्मा को ऐसे मामलों में सुधार करने निर्देशित किया. एडीएम पांडेय ने कहा कि नामांतरण की समय सीमा तय कर दें, जिससे किसानों को भटकना न पड़े. इसके किसानों से हजारों रुपए लेने की बात कही गई जिससे सीमांकन का मामला भी चौपाल में चर्चा में रहा. जिपं उपाध्यक्ष जाट ने इस पर रोक लगाने की मांग की. बता दें कि चौपाल में 150 से ज्यादा किसान अपनी समस्या को लेकर पहुंचे.
हजारों रुपए मे करते है सीमांकन निजी सर्वेयर
जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने बताया कि सीमांकन के लिए किसानों को 10 हजार से लेकर 25 हजार रुपए तक की राशि का भुगतान करने के लिए मजबूर किया जाता है और यह राशि निजी सर्वेयर वसूलते हैं. नियमानुसार जिला प्रशासन की मशीनों के जरिए सीमांकन होना चाहिए, लेकिन पटवारी व आरआई मशीनें न होने का बहाना बनाकर निजी सर्वेयर से सीमांकन करवाते हैं, सीधे अधिकारियों को शिकायत कर रहे हैं.
