नई दिल्ली, राजधानी के जंतर-मंतर पर शिक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन 25वें दिन भी जारी है। इस आंदोलन के मुख्य समर्थक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन आज 17वें दिन में प्रवेश कर चुका है। उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर आंदोलनकारियों ने चिंता जताई है, लेकिन वांगचुक ने सरकार के साथ संवाद न होने तक अनशन तोड़ने से स्पष्ट इनकार कर दिया है। CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया कि वांगचुक का संकल्प सरकार की चुप्पी को चुनौती देने के लिए अडिग है।
संसद मार्च की तैयारी और हेल्पलाइन नंबर
आंदोलनकारियों ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक एक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की घोषणा की है। इस महामार्च में देशभर के छात्रों, युवाओं और नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए CJP ने एक हेल्पलाइन नंबर 7011670115 जारी किया है। इच्छुक प्रतिभागी इस नंबर पर मिस्ड कॉल देकर अपनी सहमति दर्ज करा सकते हैं। आयोजकों का मानना है कि यह मार्च केवल एक संगठन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार की मांग का एक सशक्त लोकतांत्रिक प्रदर्शन होगा।
किसान संगठनों का मिला बड़ा समर्थन
मंगलवार को इस छात्र आंदोलन को भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) का भी पूर्ण समर्थन प्राप्त हुआ। गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में पहुंचे किसान प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों के साथ एकजुटता प्रदर्शित की और 20 जुलाई के संसद मार्च में शामिल होने का आह्वान किया। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार छात्रों की मांगों पर संवेदनशीलता नहीं दिखाती है, तो 21 जुलाई को ‘भारत बचाओ मोर्चा’ के तहत देशभर के किसान भी संसद की ओर मार्च करेंगे। इस बढ़ते समर्थन ने सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।

