इंदौर: नर सेवा ही नारायण सेवा है, इसी मूलमंत्र को चरितार्थ करते हुए शहर के टावर चौराहा स्थित गट्टानी एंटरप्राइजेज के बाहर प्रत्येक अमावस्या को भोजन प्रसादी (भंडारा) का वितरण किया जाता है. परोपकार की यह अनूठी परंपरा पिछले करीब ढाई वर्षों से लगातार तपने के साथ अनवरत रूप से जारी है, जहाँ हर अमावस्या को राहगीर, जरूरतमंद और स्थानीय लोग आदरपूर्वक भोजन ग्रहण करते हैं.
इस पुनीत सेवा कार्य के प्रणेता मोहित बंगेजा हैं, जो अपनी पूरी टीम के साथ निस्वार्थ भाव से इस व्यवस्था को संभालते हैं. मोहित बंगेजा ने बताया कि इस भंडारे की शुरुआत समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और भूखे को अन्न प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी. देखते ही देखते इस सेवा कार्य को करीब ढाई वर्ष बीत चुके हैं. हर अमावस्या को यहाँ भोजन करने वालों की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ती है, और सभी को बहुत ही प्रेम एवं आदर के साथ स्वादिष्ट और शुद्ध भोजन परोसा जाता है.
मोहित का कहना है हमारा उद्देश्य केवल भोजन कराना नहीं, बल्कि हर आने वाले व्यक्ति के चेहरे पर संतोष और सम्मान की मुस्कान देखना है. आयोजकों का मानना है कि अमावस्या के पावन दिन दान और सेवा का विशेष महत्व होता है. यही कारण है कि इस दिन यहाँ सुबह से ही प्रसादी वितरण की तैयारियाँ शुरू हो जाती हैं. राह चलते लोगों से लेकर मेहनत-मजदूरी करने वाले भाई-बहन यहाँ आकर तृप्त होते हैं
