
उन्हें यह सम्मान उनके विज़न, लीडरशिप और रिलायंस फ़ाउंडेशन के ज़रिए संस्था बनाने और सबके साथ मिलकर विकास करने के उनके कमिटमेंट के लिए मिला है। इस फ़ाउंडेशन ने अब तक 2.9 करोड़ बच्चों समेत 10 करोड़ से ज़्यादा लोगों की ज़िंदगी को प्रभावित किया है।
फॉर्च्यून इंडिया ने शुक्रवार को मुंबई के फोर सीजन्स होटल में अपना खास ‘मोस्ट पावरफुल वुमन’ 2026 इवेंट आयोजित किया। इसमें बिज़नेस, फाइनेंस, टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, पब्लिक पॉलिसी और एंटरप्रेन्योरशिप जैसे क्षेत्रों की भारत की प्रमुख महिला लीडर्स एक साथ आईं।
इस इवेंट में ‘फॉर्च्यून इंडिया मोस्ट पावरफुल वुमन 2026’ लिस्ट जारी की गई, जिसमें उन 100 महिलाओं को शामिल किया गया जिनकी लीडरशिप देश के आर्थिक और बिज़नेस परिदृश्य को आकार दे रही है।
शाम के दौरान लीडरशिप के भविष्य, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आर्थिक सशक्तिकरण, एंटरप्रेन्योरशिप, समावेशिता और राष्ट्र-निर्माण जैसे अहम विषयों पर प्रभावशाली बातचीत हुई।
खास पलों में, रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन और इस साल की नंबर 1 ‘मोस्ट पावरफुल वुमन’ नीता अंबानी ने लीडरशिप की एक व्यापक परिभाषा की वकालत की, जो करुणा, समावेशिता और अवसर पर आधारित हो। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लड़कियों में निवेश करना भारत के भविष्य के लिए बुनियादी तौर पर ज़रूरी है।
अलग-अलग सेशन में बिज़नेस लीडर्स ने इस बात पर रोशनी डाली कि भले ही AI, भू-राजनीतिक बदलाव और तेज़ तकनीकी परिवर्तन उद्योगों को बदल रहे हैं, लेकिन मज़बूत लीडरशिप हमेशा जिज्ञासा, लचीलेपन, कस्टमर पर ध्यान और मानवीय समझ पर निर्भर करेगी।
फाइनेंशियल इन्क्लूज़न (वित्तीय समावेश) पर हुई बातचीत में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि महिलाओं के सशक्तिकरण का अगला चरण सिर्फ़ वित्तीय सेवाओं तक पहुँचने तक सीमित नहीं है, बल्कि सक्रिय रूप से संपत्ति बनाने और वित्तीय निर्णय लेने में भी है।
इस कार्यक्रम में समावेशी कार्यस्थल बनाने, लंबे समय तक चलने वाले कंज्यूमर ब्रांड बनाने और ‘विकसित भारत’ के विज़न को हासिल करने में पोषण और हेल्थकेयर की भूमिका पर भी ज्ञानवर्धक चर्चाएँ हुईं।
‘मोस्ट पावरफुल वुमन’ प्लेटफ़ॉर्म लीडरशिप के लिए भारत के सबसे प्रभावशाली मंचों में से एक के रूप में लगातार विकसित हो रहा है। ऐसे में, 2026 के इस एडिशन ने उन महिलाओं को मान्यता देने के प्रति फॉर्च्यून इंडिया की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया जो बिज़नेस और समाज में सार्थक बदलाव ला रही हैं।
