
सिंगरौली /देवसर देवसर ब्लॉक मुख्यालय में वर्षों से बस स्टैंड का अभाव स्थानीय लोगों और यात्रियों के लिए गंभीर समस्या बना हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग-39 पर जियावन थाना के सामने से लेकर एसडीओपी कार्यालय की ओर जाने वाली सड़क तक प्रतिदिन एक दर्जन से अधिक यात्री बसें सड़क किनारे खड़ी रहती हैं। बसों के लिए निर्धारित स्टैंड नहीं होने के कारण पूरा क्षेत्र अस्थायी बस स्टैंड का रूप ले चुका है, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
जानकारी के अनुसार देवसर से प्रतिदिन लगभग 50 से अधिक यात्री बसों का आवागमन होता है। बसों के सड़क किनारे रुकने और यात्रियों के चढ़ने-उतरने के कारण एनएच-39 पर कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। व्यस्त समय में वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
*बरसात में बढ़ जाती है यात्रियों की परेशानी*
बस स्टैंड नहीं होने के कारण यात्रियों को खुले आसमान के नीचे बसों का इंतजार करना पड़ता है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है। बारिश से बचने के लिए यात्रियों को दुकानों के शेड या सड़क किनारे खड़ा होना पड़ता है। महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांग यात्रियों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
*दुर्घटनाओं का बना रहता है खतरा*
सड़क किनारे खड़ी बसों के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग की चौड़ाई कम हो जाती है। यात्रियों के अचानक सड़क पार करने, बसों के बार-बार रुकने और अन्य वाहनों के ओवरटेक करने से दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।
*मुख्य बाजार की यातायात व्यवस्था होती है प्रभावित*
देवसर का यह मार्ग मुख्य बाजार से होकर गुजरता है, जहां दिनभर लोगों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। बसों के सड़क पर खड़े रहने से व्यापारियों, दुकानदारों और आम नागरिकों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को भी निकलने में दिक्कत होती है।
*स्थानीय लोगों की बस स्टैंड की वर्षों पुरानी मांग*
क्षेत्रवासियों का कहना है कि देवसर में बस स्टैंड की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। यदि एक व्यवस्थित बस स्टैंड का निर्माण हो जाए तो बसों का संचालन सुचारु होगा, यात्रियों को छाया, बैठने, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी तथा एनएच-39 पर जाम और दुर्घटनाओं की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
