दतिया: उपचुनाव में बीजेपी ने ऐसा फैसला लिया… जिसने पूरे जिले की राजनीति हिला दी।
नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटा… और नया नाम सामने आया—आशुतोष तिवारी। लेकिन सवाल है… आखिर ये आशुतोष तिवारी हैं कौन?
टिकट की घोषणा होते ही नाराज़ समर्थकों ने ग्वालियर-झांसी हाईवे जाम कर दिया। करीब 25 किलोमीटर लंबा जाम लगा और रास्ता खुलवाने में पुलिस को लगभग 10 घंटे लग गए।
लेकिन अब बात उस चेहरे की… जिस पर बीजेपी ने बड़ा दांव खेला है।
दतिया के रहने वाले आशुतोष तिवारी छात्र जीवन से ही आरएसएस से जुड़े रहे। संघ से निकलकर बीजेपी में पहुंचे और संगठन में लगातार काम करते हुए आज प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। साल 2020 से 2023 तक वे एमपी हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन भी रहे।
कहा जा रहा है कि उनकी जमीनी पकड़, साफ छवि और संगठन में मजबूत पकड़ की वजह से पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाया है।
इतना ही नहीं… 2023 में जिस “बाहरी उम्मीदवार” के मुद्दे पर बीजेपी को नुकसान हुआ था, इस बार दतिया के स्थानीय चेहरे पर दांव लगाकर पार्टी ने उसी मुद्दे को खत्म करने की कोशिश की है।
अब देखना दिलचस्प होगा… क्या आशुतोष तिवारी बीजेपी की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे, या दतिया की सियासत कोई नया मोड़ लेगी?
