वॉशिंगटन, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक गंभीर खुफिया जानकारी सामने आई है। इजरायली खुफिया एजेंसी ने अमेरिकी अधिकारियों को चेतावनी दी है कि ईरान, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है। इस रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान ट्रंप को अपने निशाने पर सबसे ऊपर रखे हुए है। हालांकि अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर इस खुफिया इनपुट की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है, लेकिन यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोनों देशों के बीच टकराव की स्थिति को और अधिक विकट बना रहा है।
ट्रंप का दोटूक जवाब: मैं अपना काम कर रहा हूं
नाटो समिट के दौरान इस धमकी पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने खुले तौर पर स्वीकार किया कि वे ईरान की ‘हिट-लिस्ट’ में शीर्ष पर हैं। ट्रंप ने बिना किसी भय के कहा कि उन्हें इन धमकियों से कोई फर्क नहीं पड़ता और वे राष्ट्र के हित में अपने कार्यों को जारी रखेंगे। उन्होंने ईरान के नेतृत्व को ‘बुरे और बीमार लोग’ करार देते हुए कहा कि इन धमकियों का उनकी नीतियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वे ईरान की परमाणु और सैन्य क्षमताओं को रोकने के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग हैं।
धमकियों के बावजूद अडिग अमेरिकी नेतृत्व
ईरान से मिल रही जानलेवा धमकियों के बावजूद राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी सुरक्षा या यात्रा कार्यक्रमों में कोई बदलाव नहीं किया है। उन्होंने ईरान की गतिविधियों को 47 वर्षों से चली आ रही एक निरंतर प्रक्रिया बताया और इन चुनौतियों के बावजूद देश और दुनिया के लिए सही निर्णय लेने के अपने संकल्प को दोहराया। इस बीच, ईरान में भी आंतरिक रूप से सत्ता परिवर्तन और अंतिम संस्कार जैसी घटनाएं चल रही हैं। बहरहाल, ट्रंप का यह बयान स्पष्ट करता है कि अमेरिका अपने सख्त रुख से पीछे हटने वाला नहीं है।

