देहरादून, उत्तराखंड की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नारायण दत्त तिवारी के 20 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए राज्य में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर रहने का कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। एनडी तिवारी ने अपने कार्यकाल के दौरान कुल 1831 दिन सीएम की कुर्सी संभाली थी, जबकि सीएम धामी ने आज 1832 दिन पूरे कर लिए हैं। महज पांच दिनों के भीतर यह उनका दूसरा बड़ा कीर्तिमान है, क्योंकि इससे पहले वे भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बने जिन्होंने पांच वर्ष का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया।
विकास और नेतृत्व की एक लंबी यात्रा
पुष्कर सिंह धामी ने 4 जुलाई 2021 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। 2022 के विधानसभा चुनावों में जीत के बाद उन्हें पुन: जिम्मेदारी सौंपी गई, जिसके बाद से वे निरंतर राज्य की बागडोर संभाल रहे हैं। एनडी तिवारी, जो उत्तराखंड के पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री थे, का रिकॉर्ड टूटना धामी के नेतृत्व पर पार्टी के भरोसे और उनकी प्रशासनिक पकड़ को दर्शाता है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत राजनीतिक करियर के लिए एक मील का पत्थर है, बल्कि राज्य की चुनावी और राजनीतिक स्थिरता के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
छात्र राजनीति से सत्ता के शिखर तक का सफर
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले पुष्कर सिंह धामी का सफर संघर्ष और निरंतरता का रहा है। भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहने से लेकर खटीमा विधानसभा और चंपावत उपचुनाव तक का उनका सफर बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद पार्टी का उन पर भरोसा जताना और उन्हें मुख्यमंत्री पद पर बनाए रखना, उनकी लोकप्रियता और नेतृत्व क्षमता को सिद्ध करता है। आज उनके नाम दर्ज यह उपलब्धि राज्य के राजनीतिक इतिहास में एक नए अध्याय के रूप में याद की जाएगी।

