एक डॉक्टर के भरोसे संचालित हो रहे तीन सरकारी अस्पताल

छतरपुर: जिले के महाराजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि महाराजपुर के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गढ़ीमलहरा और कुर्राहा की जिम्मेदारी भी केवल एक डॉक्टर के भरोसे चल रही है। डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा और कई लोग निजी अस्पतालों का सहारा लेने को मजबूर हैं।

जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित इन अस्पतालों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं, लेकिन ओपीडी में डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने से उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई मरीज बिना उपचार कराए लौट जाते हैं। मेडिकल ऑफिसर डॉ. आलोक चौरसिया ने बताया कि दो अन्य डॉक्टर पदस्थ हैं, लेकिन एक नौगांव में अटैच है और दूसरा लंबे समय से बिना सूचना के अनुपस्थित है।

मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में केवल डॉक्टरों की ही नहीं, बल्कि आवश्यक चिकित्सा सामग्री की भी भारी कमी है। उनका कहना है कि ग्लूकोज चढ़ाने के लिए पाइप, सिरिंज, टेप, टांके लगाने का धागा और पट्टी जैसी जरूरी सामग्री भी बाहर से खरीदनी पड़ती है, जिससे गरीब मरीजों की परेशानी और बढ़ जाती है।
क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग से महाराजपुर, गढ़ीमलहरा और कुर्राहा अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टरों की नियुक्ति तथा दवाइयों और चिकित्सा सामग्री की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्थाएं नहीं सुधरीं तो जनआंदोलन किया जाएगा।

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