
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को सरदार सरोवर बांध परियोजना को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि नर्मदा, जो मध्यप्रदेश की जीवन रेखा है, उससे जुड़े मुद्दों पर सरकार ने प्रदेश के हितों से समझौता किया है।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि सरदार सरोवर परियोजना के संबंध में किसानों, विस्थापितों और प्रदेश की जनता के हितों की अनदेखी की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि परियोजना से जुड़े 76.69 करोड़ रुपये के दावे को किन परिस्थितियों में वापस लिया गया तथा गुजरात के साथ हुए वित्तीय समझौते की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरदार सरोवर परियोजना का सबसे अधिक असर मध्यप्रदेश पर पड़ा है। बड़ी संख्या में कृषि भूमि, वन क्षेत्र और पर्यावरण प्रभावित हुए तथा हजारों परिवारों का विस्थापन हुआ, लेकिन राज्य सरकार प्रदेश के अधिकारों की रक्षा करने में विफल रही। उन्होंने मांग की कि परियोजना से जुड़े सभी वित्तीय और कानूनी मामलों पर विधानसभा में विस्तृत चर्चा कराई जाए।
जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार, बढ़ते कर्ज, कमजोर प्रशासन और शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग तथा रोजगार के क्षेत्रों में स्पष्ट विकास नीति के अभाव का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनकल्याण की बजाय सरकारी धन का उपयोग प्रचार-प्रसार पर किया जा रहा है।
शिक्षा के मुद्दे पर उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में स्कूल बंद किए गए हैं और किंडरगार्टन से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक निःशुल्क शिक्षा लागू करने की मांग दोहराई।
उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस 15 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास के बाहर प्रदर्शन करेगी तथा कथित भ्रष्टाचार और नर्मदा से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही तय कराने के लिए अपना आंदोलन जारी रखेगी।
