
ग्वालियर। वर्षों से ग्रेच्यूटी का इंतजार कर रहे कर्मचारियों का हक दिलाने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के संधारण क्रमांक-1 कार्यालय को सील कर दिया। सहायक श्रमायुक्त ग्वालियर के 8 जुलाई के आदेश के पालन में “30 लाख 17 हजार 746 रुपये” की बकाया ग्रेच्यूटी राशि की वसूली के लिए जारी रिकवरी रिकवरी सर्टिफिकेट के तहत तहसीलदार और राजस्व अमला रोशनीघर स्थित पीएचई कार्यालय पहुंचा। राशि जमा नहीं होने पर कार्यालय की चल संपत्ति कुर्क कर मुख्य द्वार पर ताला लगाकर सील कर दिया गया।
यह राशि ग्रेच्यूटी प्रकरणों में जयंती जोशी, राजेन्द्र जैन, सोन पाल, नंदकिशोर अग्रवाल, सुरेन्द्र दुबे, भजनसिंह कुशवाह, सरमनसिंह कुशवाह, अमरसिंह कुशवाह, विजय जुल्का, सुन्दर लाल कुशवाह, विमला देवी राजपूत सहित अन्य कर्मचारियों को भुगतान के लिए निर्धारित की गई थी।
सहायक श्रमायुक्त के आदेश पर तहसीलदार मनीष जैन, राजस्व निरीक्षक होतम सिंह यादव तथा अन्य अधिकारी पीएचई संधारण क्रमांक-1 कार्यालय पहुंचे। उस समय सहायक फिटर प्रीति सोलंकी ने अधिकारियों को बताया कि कार्यपालन यंत्री आने वाले हैं। कुछ देर बाद कार्यपालन यंत्री एस.एल. बाथम कार्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने उनसे तत्काल आरआरसी की राशि जमा कराने के लिए कहा। इस पर कार्यपालन यंत्री ने कहा कि विभाग ने राशि की स्वीकृति के लिए प्रमुख सचिव को पत्र भेजा है और स्वीकृति मिलते ही भुगतान कर दिया जाएगा। हालांकि तत्काल भुगतान करने में उन्होंने असमर्थता जता दी।
*राशि जमा नहीं होने पर हुई कुर्की और सीलिंग की कार्रवाई*
भुगतान नहीं होने पर राजस्व अधिकारियों ने न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए कार्यालय की चल संपत्ति कुर्क कर ली। कार्रवाई के दौरान पंचनामा तैयार किया गया तथा कुर्क संपत्ति की सुपुर्दगी कार्यालय के लिपिक गुरूदत्त शर्मा को दी गई। उन्होंने लिखित रूप से यह जिम्मेदारी ली कि न्यायालय के निर्देश मिलने पर कुर्क संपत्ति प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद अधिकारियों ने कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर उसे सील कर दिया तथा कुर्की का आदेश चस्पा कर दिया।
