अमेरिका-ईरान में तनाव चरम पर है। ट्रंप ने ईरानियों को बीमार मानसिकता वाला बताया। जवाब में विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि हम अश्लीलता का निडरता से कड़ा जवाब देते हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच हालात एक बार फिर से बहुत ज्यादा गंभीर और चिंताजनक हो गए हैं। कुछ समय पहले हुए इस्लामाबाद समझौते के बाद ऐसा लग रहा था कि पश्चिम एशिया में स्थायी शांति पूरी तरह से स्थापित हो जाएगी। लेकिन पिछले दो दिनों में दोनों देश फिर से युद्ध के मैदान में पूरी तरह से एक-दूसरे के आमने-सामने आ डटे हैं। इसी भारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानियों को लेकर एक बहुत ही विवादित और अपमानजनक बयान दिया है।
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरानियों के साथ सीजफायर अब खत्म हो चुका है और वह उनके साथ कोई भी डील नहीं चाहते हैं। उन्होंने ईरानियों को बहुत ही घटिया और बीमार मानसिकता वाले लोग बताकर उनका अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारी अपमान किया है। इस कड़े बयान के तुरंत बाद ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका पर पलटवार किया है। अराघची ने ट्रंप की इस भाषा को अश्लील बताते हुए कहा कि ईरान हमेशा अपने कड़े और निडर जवाब के लिए जाना जाता है।
अश्लीलता का निडरता से कड़ा जवाब
विदेश मंत्री अराघची ने स्पष्ट रूप से कहा कि अश्लील भाषा का जवाब हम कभी भी अश्लीलता से बिल्कुल भी नहीं देते हैं। ईरान की महान और साहसी जनता हमेशा निडरता, अपने कर्मों और अपने अदम्य साहस के बल पर अपने दुश्मनों को कड़ा जवाब देती है। उन्होंने जोर दिया कि अमेरिका द्वारा किसी भी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने से ईरान देश की महानता कभी भी कम नहीं हो जाती।
ईरानी सभ्यता और मजबूत नैतिक मूल्य
अराघची ने अपने कड़े बयान में ईरान की प्राचीन सभ्यता और मजबूत संस्कृति का बहुत ही प्रमुखता से विशेष उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में सभी ईरानी लोग अपनी महान संस्कृति और बहुत ही मजबूत नैतिक मूल्यों के लिए जाने जाते हैं। ट्रंप जैसे नेताओं के ऐसे ओछे और घटिया बयानों से हमारी इस हजारों साल पुरानी और गौरवशाली सभ्यता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला है।
कतर के विदेश मंत्री से अहम बातचीत
अमेरिका के साथ इस ताजा और गंभीर तनाव के बीच अराघची ने कतर के विदेश मंत्री से फोन पर एक बहुत ही अहम बातचीत की है। इस महत्वपूर्ण कूटनीतिक बातचीत के दौरान दोनों बड़े नेताओं ने पश्चिम एशिया में बढ़ते हुए भारी तनाव को रोकने पर गहरी चर्चा की। उन्होंने शांति बहाली के लिए क्षेत्रीय संवाद और मजबूत कूटनीतिक समन्वय को लगातार जारी रखने की बहुत ज्यादा जरूरत पर अपना विशेष जोर दिया।
ट्रंप का विवादित और हिंसक बयान
ट्रंप ने मीडिया के एक सवाल के जवाब में कहा था कि ईरानियों की अगुवाई बीमार मानसिकता वाले क्रूर और बहुत ही हिंसक लोग कर रहे हैं। उन्होंने ईरान के साथ किसी भी तरह के लेन-देन से साफ इनकार करते हुए शांति समझौते की सभी उम्मीदों को बहुत बड़ा झटका दिया है। ट्रंप के इस आक्रामक रुख से यह पूरी तरह से स्पष्ट हो गया है कि भविष्य में दोनों देशों के बीच तनाव में भारी वृद्धि होने वाली है।
इस्लामाबाद समझौते से जगी थी बड़ी उम्मीद
ईरान और अमेरिका के बीच भारी शोर-शराबे के साथ हाल ही में जो इस्लामाबाद एमओयू हुआ था, उससे शांति की बड़ी उम्मीदें जगी थीं। इस समझौते के बाद कूटनीतिक जानकारों को लगा था कि पश्चिम एशिया में लंबे समय तक चलने वाली स्थायी शांति की बहाली का रास्ता खुल गया है। लेकिन अब ट्रंप के इस नए भड़काऊ बयान और ईरानी विदेश मंत्री के पलटवार ने उन सभी शांति प्रयासों को पूरी तरह से विफल कर दिया है।
