पटना, बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अभिषेक कुमार सिन्हा ‘बंटी’ को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के राज्यसभा जाने के बाद रिक्त हुई थी। अभिषेक, जो वर्तमान में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश अध्यक्ष हैं, नितिन नबीन के बेहद करीबी माने जाते हैं। पार्टी ने इस बार एक जमीनी और समर्पित कार्यकर्ता पर दांव लगाकर अपनी पुरानी विरासत को बचाने की रणनीति अपनाई है।
जातीय समीकरण और प्रशांत किशोर से चुनौती
बांकीपुर सीट पर कायस्थ समुदाय की आबादी लगभग 14-15 प्रतिशत है, जो चुनावी नतीजों में निर्णायक भूमिका निभाती है। अभिषेक कुमार सिन्हा इसी समुदाय से आते हैं, जिसे भाजपा का पारंपरिक वोट बैंक माना जाता है। हालांकि, इस बार चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाला है क्योंकि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की पार्टी ‘जन सुराज’ ने यहां से ताल ठोक दी है। प्रशांत किशोर के सक्रिय जनसंपर्क अभियान के चलते यह मुकाबला बीजेपी के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती के रूप में उभर रहा है।
तीन दशक से भाजपा का रहा है अभेद्य गढ़
पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पिछले तीन दशकों से भाजपा का अभेद्य किला रही है। नितिन नबीन ने खुद यहां से पांच बार जीत हासिल की है, जबकि उनके पिता नबीन किशोर प्रसाद सिन्हा भी चार बार विधायक रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या अभिषेक कुमार भाजपा के इस पुराने ट्रेंड को बरकरार रख पाएंगे। बांकीपुर के लिए 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को आने वाले परिणाम यह तय करेंगे कि क्या भाजपा अपनी इस सीट को सुरक्षित रख पाती है या नहीं।

