इंदौर: साइबर ठग अब हर दिन नए नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं. कोई बैंक अधिकारी बनकर खातों की गोपनीय जानकारी हासिल कर रहा है तो कोई मोबाइल हैक कर रकम साफ कर दे रहा है. वहीं ओटीटी सब्सक्रिप्शन बंद कराने के नाम पर भी लोगों से लाखों रुपए की ठगी की जा रही है. शहर के अलग अलग थानों में ऐसे तीन नए मामले सामने आए हैं.लसूड़िया थाना क्षेत्र में कैलोद हाला निवासी अखिलचंद्र गायकवाड ने शिकायत दर्ज कराई है कि उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया में पेंशन कार्ड के लिए आवेदन किया था.
कुछ दिन बाद खुद को बैंक अधिकारी बताने वाले एक व्यक्ति ने फोन कर खाते से जुड़ी जानकारी ले ली. इसके बाद उनके खाते से करीब सवा लाख रुपए निकाल लिए. एक अन्य मामले में स्कीम नंबर 78 निवासी गोपाल वाकोडे ने बताया कि 17 जून को उनका मोबाइल हैक हो गया, थोड़ी देर बाद खाते से रकम निकलने के लगातार मैसेज आने लगे. जांच में सामने आया कि राशि जुल्फिकार अली और सूरज जुगर विश्वास नाम के खातों में ट्रांसफर हुई है.
पुलिस अब इन खातों और उनके धारकों की जांच कर रही है. इसी तरह गोपाल कॉलोनी निवासी दवा व्यापारी निर्मल नवलानी ओटीटी सब्सक्रिप्शन बंद कराने के नाम पर ठगी का शिकार हो गए. उन्होंने गूगल से जियो हॉटस्टार का कस्टमर केयर नंबर खोजकर कॉल किया था. कॉल रिसीव करने वाले ने प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर पहले 5 रुपए ट्रांसफर कराए. इसके कुछ देर बाद उनका मोबाइल बंद हो गया और फिर खाते से एक लाख रुपए से अधिक की राशि निकलने के मैसेज आने लगे.
भरोसा करने से बचे
एडीसीपी क्राईम राजेश दंडोतिया का इस संबंध में कहना है कि हां, यह सच हैं कि साइबर ठग अब बैंकिंग सेवाओं, मोबाइल तकनीकी सहायता और ऑनलाइन सब्सक्रिप्शन जैसी रोजमर्रा की सुविधाओं का सहारा लेकर लोगों को झांसे में ले रहे हैं. ऐसे मामलों में किसी भी अनजान व्यक्ति से बैंकिंग जानकारी साझा करने और इंटरनेट पर मिले संदिग्ध हेल्पलाइन नंबरों पर भरोसा करने से बचना चाहिए.
सुपर मनी एप के जरिए खाते से एक लाख रुपए उड़ाए
इंदौर. बड़गोंदा थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक व्यक्ति के मोबाइल का दुरुपयोग कर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए उसके खाते से एक लाख रुपए निकाल लिए. शिकायत के बाद पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. गवली पलासिया में रहने वाले नरेंद्र कुमार पाटीदार उम्र 44 साल के साथ 23 जून को शाम 5 बजे से रात साढ़े 9 बजे के बीच यह धोखाधड़ी हुई. अज्ञात साइबर ठगों ने उसके मोबाइल के जरिए ऑनलाइन और सुपर मनी एप के माध्यम से अलग अलग ट्रांजेक्शन कर एक लाख रुपए अपने खातों में ट्रांसफर कर लिए. घटना की जानकारी मिलने पर पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की. बड़गोंदा पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर ट्रांजेक्शन और बैंक खातों का ब्योरा खंगालना शुरू कर दिया है.
