मुंबई , (वार्ता) महाराष्ट्र विधानसभा ने राज्य में गैर-कानूनी डांस बार के बढ़ते चलन को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए मंगलवार को एक महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक पारित किया जिसका उद्देश्य ‘ऑर्केस्ट्रा से जुड़ी उस कमी’को खत्म करना है, जिसका फायदा उठाकर कुछ स्थान लंबे समय से कड़े नियमों से बचती रहे हैं।
‘महाराष्ट्र पुलिस एक्ट और महाराष्ट्र के होटलों, रेस्टोरेंट और बार रूम में अश्लील डांस पर रोक तथा वहां काम करने वाली महिलाओं की गरिमा की सुरक्षा अधिनियम- 2026 को बहुमत से पारित कर दिया गया।
गृह राज्य मंत्री डॉ. पंकज भोयर ने सदन में यह विधेयक पेश किया। विधायक अमित सातम, सुधीर मुनगंटीवार, जितेंद्र आव्हाड, सुमित वानखेड़े और संजय केलकर के साथ थोड़ी चर्चा के बाद कार्यवाहक अध्यक्ष समीर कुंवर ने विधेयक को पारित घोषित किया।
इस संशोधन का मुख्य मकसद ‘ऑर्केस्ट्रा’ और ‘लाइव म्यूज़िक’ परमिट के गलत इस्तेमाल को रोकना है।वर्ष 2016 में मूल कानून लागू होने के बाद से अधिकारियों ने देखा कि कई बार, महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत आम म्यूज़िक परफॉर्मेंस लाइसेंस लेकर अश्लील डांस पर लगी रोक से बच रहे थे। ‘ऑर्केस्ट्रा’ परफॉर्मेंस को सीधे अधिनियम के दायरे में लाकर सरकार ने कानून लागू करने वाली एजेंसियों को उन जगहों के खिलाफ सीधे और सख्त कार्रवाई करने का अधिकार दिया है, जो लाइव म्यूज़िक एंटरटेनमेंट की आड़ में बिना इजाज़त डांस परफॉर्मेंस करवाती हैं।
