नयी दिल्ली, (वार्ता) दिल्ली पुलिस ने पहाड़गंज में रंगदारी और फायरिंग मामले के मुख्य आरोपी पवन कुमार उर्फ पवन पहलवान को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पवन को सोमवार देर रात आईपी एस्टेट के पास मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया। गिरफ्तारी से बचने की कोशिश करते हुए आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोलियां चलायी। गोलीबारी के दौरान उसके दोनों पैरों में गोली लगी और उसे पकड़ने के बाद इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस उपायुक्त (मध्य) रोहित राजबीर सिंह ने मंगलवार को बताया कि जांच से पता चला है कि रंगदारी और फायरिंग की यह घटना एक सोची-समझी आपराधिक साजिश का नतीजा थी, जिसमें स्थानीय मददगारों के साथ मिलकर काम करने वाला एक अंतरराज्यीय गिरोह शामिल था। उन्होंने कहा कि इस मामले को सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण, तकनीकी निगरानी, कॉल डिटेल रिकॉर्ड के विश्लेषण, होटल रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक सबूतों तथा ह्यूमन इंटेलिजेंस (खुफिया जानकारी) के जरिए सुलझाया गया और पुलिस इस अपराध के पीछे के नेटवर्क को खत्म करने में सफल रही।
पुलिस के अनुसार पहाड़गंज के एक प्राइवेट बिल्डर ने शिकायत की थी कि एक हथियारबंद व्यक्ति उसके ऑफिस में घुसा और 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी तथा मांग ठुकराये जाने पर फायरिंग करके भाग गया। जांच के दौरान सबसे पहले विशाल भाटी उर्फ भांजा को गिरफ्तार किया गया, जिसकी पूछताछ से बाकी साजिशकर्ताओं की पहचान करने में मदद मिली। इसके बाद नबी करीम पुलिस थाना और सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ की संयुक्त टीम ने एक अन्य मुख्य आरोपी शक्ति सिंह का पता कोलकाता में लगाया और उसे दिल्ली लाया गया। इस मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों में शक्ति सिंह, विशाल भाटी उर्फ भांजा, स्थानीय बिल्डर और होटल व्यवसायी पवन कुमार उर्फ पवन चेटली और राजेश सचदेवा उर्फ सोनू मोटा शामिल हैं।
जांचकर्ताओं का आरोप है कि पवन पहलवान ने रंगदारी का नेटवर्क बनाने के लिए बिल्डरों और व्यापारियों के बीच डर पैदा करने की योजना बनायी थी, जबकि पवन चेटली और राजेश सचदेवा ने रहने की जगह, मीटिंग की जगह और लॉजिस्टिकल सपोर्ट का इंतजाम करने के साथ ही शिकायतकर्ता और उसके परिवार के बारे में जानकारी साझा करके इस साजिश में मदद की थी।
पुलिस ने बताया कि स्थानीय मददगारों का मकसद इस आपराधिक घटना का इस्तेमाल व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता को निपटाने के लिए करना था। अभियान के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी के पास से एक पिस्तौल, कारतूस, कारतूस के खोल और चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की।
उन्होंने कहा कि शुरुआती फायरिंग में कथित तौर पर इस्तेमाल किये गये हथियार को बरामद करने, साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने और साजिश से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच करने के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है।
