रीवा :शहर की मुख्य सब्जी मंडी की हालत दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। स्वच्छता और व्यवस्था के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में आने वाले लोग और दुकानदार नरकीय माहौल में काम करने को मजबूर हैं।मंडी परिसर में कदम-कदम पर परेशानी है। संकरी गलियों में कीचड़, गंदगी और सड़ी सब्जियों के ढेर लगे हैं। इसी बीच ग्राहकों की भीड़ खरीदारी करती नजर आती है। बारिश होते ही पूरा परिसर जलभराव से भर जाता है।
दुकानदारों में आक्रोश
दुकानदारों का कहना है कि वे हर महीने शुल्क जमा करते हैं, लेकिन बदले में उन्हें कोई सुविधा नहीं मिलती। “न सफाई होती है, न मवेशियों को हटाया जाता है। इसी गंदगी में बैठकर हमें धंधा करना पड़ता है” एक दुकानदार ने बताया।
बेतरतीब ठेले और फेल ड्रेनेज
मंडी मार्ग पर ठेले-तिरपालों के कारण जाम लगा रहता है। जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से थोड़ी सी बारिश में भी पानी भर जाता है। जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है।
कचरा और मवेशियों का आतंक
मंडी के पीछे और दुकानों के पास कचरे के बड़े-बड़े ढेर हैं। इनके बीच आवारा गाय-बैल घूमते रहते हैं। इससे संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा और दुर्घटना का डर लगातार बना रहता है।यदि समय रहते सौंदर्यीकरण, सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं हुई तो ग्राहक धीरे-धीरे यहां आना बंद कर देंगे।
