हैदराबाद, अभिनेता दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ (पूर्व नाम पंजाब ’95) को ZEE5 प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद अब सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने मामले की जांच के लिए एक इंटर-डिपार्टमेंटल कमिटी (IDC) का गठन किया है। यह कार्रवाई आईटी एक्ट की धारा 69A और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड के तहत की गई है। मंत्रालय का कहना है कि यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि फिल्म के कंटेंट की समीक्षा की जा सके।
जांच का आधार और प्रक्रिया
आधिकारिक रिपोर्ट्स के अनुसार, आईडीसी का गठन आईटी नियम 2021 के नियम 14 के तहत किया गया है। यह पैनल फिल्म से संबंधित शिकायतों पर सरकार को अपनी सिफारिशें देगा। ज्ञात हो कि यह बायोपिक जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है, जिसे केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से मंजूरी न मिलने के कारण लंबे समय से विवादों का सामना करना पड़ रहा था। सेंसर बोर्ड ने पूर्व में फिल्म में 120 से अधिक कट लगाने के निर्देश दिए थे, जिसे निर्माताओं ने मानने से इनकार कर दिया था।
फिल्म पर मचे विवाद का प्रभाव
फिल्म के ओटीटी से हटने के बाद दिलजीत दोसांझ ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें ऐसी कार्रवाई की आशंका थी, लेकिन फिल्म दर्शकों तक पहुंचने में सफल रही। वहीं, फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने अभिनेता के फिल्म चयन पर चिंता जताते हुए उनकी छवि को लेकर सवाल उठाए हैं। हनी त्रेहान द्वारा निर्देशित इस फिल्म में अर्जुन रामपाल भी अहम भूमिका में हैं, और अब इस पर सबकी निगाहें जांच समिति की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं।

