जबलपुर: मध्य प्रदेश के बहुचर्चित प्रमोशन में आरक्षण विवाद में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार तस्वीर साफ हो गई है। हाईकोर्ट ने मामले को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ के समक्ष आज सात जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया है। आधिकारिक काज लिस्ट जारी होने के बाद कर्मचारियों और अधिवक्ताओं के बीच चल रही सभी अटकलों पर विराम लग गया है। युगलपीठ की सूची में मामला 17 वें क्रम पर है और इसकी सुनवाई मंगलवार सात जुलाई को प्रथम सत्र में होने की संभावना है।
दरअसल, यह मामला 17 फरवरी 2026 को तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ द्वारा सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखे जाने के बाद से लंबित है। बाद में न्यायमूर्ति सराफ का इंदौर खंडपीठ में स्थानांतरण हो गया, जबकि मुख्य न्यायाधीश सचदेवा सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त हो गए। इसके बाद सुरक्षित निर्णयों को 90 दिनों के भीतर सुनाए जाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को लेकर भी व्यापक चर्चा रही।
