
गुना। जिला अस्पताल से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक बेहद अजीब और सनसनीखेज मामला सामने आया है। रविवार रात अस्पताल के वार्ड में एक शातिर चोर खुद मरीज बनकर भर्ती हो गया। उसने न केवल खुद को ऑक्सीजन मास्क लगाया, बल्कि एक अटेंडर का मोबाइल चोरी कर रफूचक्कर भी हो गया।
दरअसल, कुंभराज क्षेत्र के ग्राम देहरी निवासी हरगोविंद मीणा की पुत्रवधू जिला अस्पताल में भर्ती हैं। घटनाक्रम की शुरुआत रात करीब 11 बजे हुई, जब एक अज्ञात व्यक्ति वार्ड में दाखिल हुआ। बिना किसी डॉक्टर या नर्सिंग स्टाफ की मौजूदगी के, वह चुपचाप एक पलंग पर लेट गया और खुद ही ऑक्सीजन मास्क भी लगा लिया।
परिजनों के मुताबिक, इसके बाद उस व्यक्ति ने जेब से पहले 50 रुपये और बाद में 100 रुपये का नोट निकाला, जिस पर कोई संदिग्ध नशीली सामग्री रखकर उसका सेवन करने लगा।
रात करीब 2 बजे जब वार्ड के सभी मरीज और अटेंडर गहरी नींद में थे, तब इस फर्जी मरीज ने मौका पाकर हरगोविंद मीणा का मोबाइल चुरा लिया और शौचालय की तरफ भागने लगा। हालांकि, हरगोविंद की नींद खुल गई और उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए चोर को मौके पर ही दबोच लिया।
हंगामा बढ़ते ही अस्पताल का एक सुरक्षाकर्मी वहां पहुंचा। उसने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि ‘चोर को उसने पकड़ लिया है, आप जाकर अस्पताल चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराओ।’
पीड़ित हरगोविंद का आरोप है कि जब वे अस्पताल पुलिस चौकी पहुंचे, तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनसे कहा कि पहले आवेदन टाइप करवाकर लाओ। इस कागजी प्रक्रिया में कुछ समय लग गया। लेकिन जब पीड़ित वापस वार्ड में लौटा, तो उसके होश उड़ गए। न तो वहां वह चोर था और न ही उसे पकड़कर रखने का दावा करने वाला सुरक्षाकर्मी।
हैरानी की बात यह है कि दोपहर तक भी पीड़ित की रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी थी और उन्हें कोतवाली जाकर आवेदन देने की बात कही गई। इस घटना के बाद जिला अस्पताल में हड़कंप बचा हुआ है मरीज अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
