जबलपुर:ग्वारीघाट थाना अंतर्गत रिलायबल कॉलोनी में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात हथियारों से लैस नकाबपोश बदमाशों ने डॉ. विपिन अग्रवाल के घर पर धावा बोल दिया। हालांकि, घर के मुख्य द्वार पर लगा आधुनिक ‘डिजिटल लॉक’ डॉक्टर परिवार के लिए सुरक्षा कवच साबित हुआ। बदमाशों की कोशिशों के बाद भी जब दरवाजा नहीं टूटा, तब तक पुलिस मौके पर पहुंच गई और चोरों को खाली हाथ भागना पड़ा।
जानकारी अनुसार डॉ. विपिन अग्रवाल रविवार रात को अपने पूरे परिवार के साथ घर में सो रहे थे। रात करीब दो बजे अचानक नीचे के हिस्से से कुछ खटपट और लोहे के टकराने की आवाजें आईं। गहरी नींद में होने के बावजूद डॉक्टर अग्रवाल को किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ। उन्होंने तुरंत बेडरूम की खिड़की से नीचे झांका। नीचे का नजारा बेहद खौफनाक था घातक हथियारों से लैस नकाबपोश बदमाश उनके घर के मुख्य चैनल गेट को तोड़कर अंदर दाखिल हो चुके थे।
घर के परिसर में घुसने के बाद बदमाशों ने मुख्य दरवाजे को निशाना बनाया। चोरों ने अपने साथ लाए कटर और भारी औजारों से दरवाजा तोड़ने का पुरजोर प्रयास किया। लेकिन मकान की सुरक्षा के लिए लगाया गया हाई-टेक डिजिटल लॉक बदमाशों के आगे अभेद्य दीवार बनकर खड़ा रहा। काफी मशक्कत के बाद भी जब बदमाश आधुनिक लॉक को कटर से नहीं काट पाए, इसी बीच डॉ. अग्रवाल ने सूझबूझ का परिचय दिया और बिना शोर मचाए तुरंत ग्वारीघाट पुलिस को फोन पर वारदात की सूचना दे दी।
सायरन गूंजते ही भागे बदमाश
ग्वारीघाट थाने की पेट्रोलिंग टीम सायरन बजाती हुई रिलायबल कॉलोनी की तरफ दौड़ी। पुलिस की गाड़ियों के हूटर की आवाज दूर से ही सुनकर बदमाश दहशत में आ गए। इसी दौरान जाग होने पर कॉलोनी की स्ट्रीट लाइटें और आसपास के घरों की बत्तियां भी अचानक जल गईं। खुद को चारों तरफ से घिरता देख नकाबपोश बदमाश डकैती का इरादा छोड़ उल्टे पैर भाग निकले।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, खंगाले जा रहे सीसीटीवी
मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने बदमाशों का पीछा भी किया, लेकिन रात के अंधेरे और संकरी गलियों का फायदा उठाकर आरोपी गायब हो गए। ग्वारीघाट थाना पुलिस ने डॉक्टर अग्रवाल की शिकायत पर अज्ञात नकाबपोश बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस टीम कॉलोनी और आसपास के रास्तों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों का सुराग लगाया जा सके
