नई दिल्ली, दिल्ली के भारत मंडपम में 17वें टॉय बिज इंटरनेशनल एक्सपो 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसका उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत को अब केवल खिलौना असेंबल करने वाला नहीं, बल्कि एक पूर्ण विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र (Manufacturing Ecosystem) बनाने की आवश्यकता है। सरकार का लक्ष्य 2032 तक भारत को वैश्विक खिलौना बाजार में 5 प्रतिशत हिस्सेदारी दिलाना है, जिसके लिए निर्यात और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
गुणवत्ता और नवाचार पर जोर
इस चार दिवसीय एक्सपो में STEM, पारंपरिक और पर्यावरण-अनुकूल खिलौनों का व्यापक प्रदर्शन किया जा रहा है। मंत्री गोयल ने भारतीय निर्माताओं को BIS मानक अपनाने और ब्रांडिंग-मार्केटिंग में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार निर्यातकों को गोदाम सुविधा और गलत आयात से सुरक्षा प्रदान करने में पूर्ण सहयोग देगी। साथ ही, घरेलू खिलौनों की गुणवत्ता सुधारने के लिए BIS सर्टिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया गया है ताकि वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा बढ़ सके।
तकनीक और बाजार का विस्तार
प्रदर्शनी में AI-पावर्ड खिलौनों और ई-कॉमर्स की भूमिका पर भी चर्चा हुई, जो भारत के खिलौना बाजार को बदल रहे हैं। चीन, ताइवान और हांगकांग जैसे देशों के प्रतिनिधिमंडल ने भी इसमें रुचि दिखाई है, जो भारत की विशाल युवा आबादी को एक बड़े बाजार के रूप में देखते हैं। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने छोटे विनिर्माताओं के लिए भी रास्तों को सुगम बनाया है, जिससे भारतीय खिलौना निर्यात बढ़कर अब 5,000 करोड़ रुपये के स्तर को छू चुका है।

