नयी दिल्ली, 05 जुलाई (वार्ता) भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) और देश भर से संबद्ध कर्मचारी संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले 19 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से भेंट की और सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और प्रशासनिक सुधारों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
यहां जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गयी।
प्रतिनिधिमंडल ने सरकार की कर्मचारी-केंद्रित पहलों विशेष रूप से लगभग 65,000 आयुध कारखाने के पूर्व कर्मचारियों को नियमित सरकारी सेवा में स्थानांतरित करने के निर्णय को सुविधाजनक बनाने के लिए मंत्री की सराहना की और इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया जिसने आयुध कारखाना बोर्ड के पुनर्गठन के बाद हजारों कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित किया है।
इस प्रतिनिधिमंडल में भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस), भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (बीपीएमएस), सरकारी कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ (जीईएनसी), सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ, एसएचएआर कर्मचारी ट्रेड यूनियन और अंतरिक्ष कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि शामिल थे। ये प्रतिनिधि देश भर में रक्षा प्रतिष्ठानों, सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों, वैज्ञानिक संस्थानों और अन्य केंद्रीय सरकारी सेवाओं के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने संस्थागत संवाद के माध्यम से सेवा संबंधी मुद्दों को सरकार के समक्ष लाने में कर्मचारी संगठनों द्वारा निभाई गई रचनात्मक भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि हितधारकों के साथ नियमित संवाद से शासन व्यवस्था मजबूत होती है और सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से संबंधित मुद्दों का समय पर समाधान संभव होता है।
प्रतिनिधिमंडल ने आयुध कारखाना के पूर्व कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति तिथि तक मानद प्रतिनियुक्ति बढ़ाने का समर्थन करने के लिए अधिकार प्राप्त मंत्री समूह (ईजीओएम) के सदस्य डॉ. जितेंद्र सिंह को धन्यवाद दिया। प्रतिनिधियों ने कहा कि इन कर्मचारियों को नियमित सरकारी सेवा में स्थानांतरित करने के बाद लिए गए निर्णय से लगभग 65,000 कर्मचारियों को दीर्घकालिक सेवा सुरक्षा प्राप्त हुई है और आयुध कारखाना बोर्ड के निगमीकरण से उत्पन्न सबसे महत्वपूर्ण चिंताओं में से एक का समाधान हो गया है।
प्रतिनिधियों ने सेवा से संबंधित कई ऐसे मुद्दों पर भी चर्चा की जिन पर आगे विचार करने की आवश्यकता है। इनमें अनुकंपा नियुक्ति मामलों में पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने, करियर में प्रगति, कैडर से संबंधित मामले और सरकारी कर्मचारियों से संबंधित मुद्दों पर व्यापक हितधारक परामर्श शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने कार्मिक प्रशासन और भविष्य के नीतिगत सुधारों से संबंधित मामलों पर विचार-विमर्श के दौरान मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों के साथ निरंतर सहयोग की सराहना की। उन्होंने सुझाव दिया कि अनावश्यक मुकदमों को कम करने और कर्मचारियों को प्रभावित करने वाले सेवा संबंधी मामलों के समय पर समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा सकता है।
