नयी दिल्ली / शिवपुरी (म.प्र.), 5 जुलाई (वार्ता) अदानी होल्डिंग्स के निदेशक जीत अदानी ने रविवार को कहा कि मध्य प्रदेश में ग्वालियर और शिवपुरी क्षेत्र आने वाले समय में रक्षा विनिर्माण के प्रमुख केंद्र बन कर उभरेंगे और प्रदेश तथा देश की अर्थव्यवस्था में भी बड़ा योगदान करेंगे।
श्री अदानी शिवपुरी जिले में अदानी डिफेंस एंड एयरोस्पेश के 2500 करोड़ रुपये के एक प्रक्षेपास्त्र एवं उन्नत रक्षा उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र परिसर के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। परिसर का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की उपस्थिति में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया । उन्होंने कहा कि ग्वालियर में अदानी समूह की लाइट मशीन गन और कार्बाइन जैसे हथियारों का विनिर्माण करने वाली इकाई ने क्षेत्र में रक्षा विनिर्माण को एक नयी पहचान दी है और समूह का अगला पड़ाव शिवपुरी है।
उन्होंने कहा, ‘ग्वालियर और शिवपुरी मिलकर मध्य प्रदेश में रक्षा नवाचार के दो सशक्त केंद्र बनेंगे। ये सुनिश्चित करेंगे कि हमारे राष्ट्र की सुरक्षा करने वाली अत्याधुनिक प्रणालियाँ भारतीय प्रतिभा, भारतीय तकनीक और भारतीय धरती पर गर्व के साथ निर्मित हों।”
शिवपुरी परियोजना के बोर में श्री अदानी ने कहा, ‘ यहाँ हम मध्यम से लंबी दूरी की मिसाइल प्रणालियों के निर्माण के लिए एक पूर्णतः एकीकृत मिसाइल विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर रहे हैं, जो विदेशी निर्भरता का स्थान स्वदेशी सामर्थ्य से लेगा।”
उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य केवल मिसाइल की अंतिम असेंबली तक सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ कम्पोज़िट प्रोपेलेंट, टीएनटी तथा अन्य विस्फोटक-ग्रेड सामग्रियों के निर्माण की क्षमताएँ भी विकसित की जाएंगी जिससे भारत के सबसे व्यापक निजी क्षेत्र के मिसाइल विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्रों में से एक का निर्माण होगा।
इस अवसर पर श्री अदानी ने मध्य प्रदेश को देश में बड़े उभरते आर्थिक अवसरों वाला प्रदेश बताते हुए कहा कि अडानी समूह राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में 1.।0 लाख करोड़ रूपये के निवेश की अपनी घोषणाओं के प्रति प्रतिबद्ध है। यह निवेश केवल संयंत्रों और कारखानों में नहीं हैं, बल्कि मध्य प्रदेश के लोगों और उसके उज्ज्वल भविष्य में हमारे विश्वास के प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा, ‘ पिछले वर्ष भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में हमारे अध्यक्ष गौतम अडानी ने मध्य प्रदेश में पम्प्ड हाइड्रो स्टोरेज, सीमेंट, खनन, स्मार्ट मीटर और तापीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में 1,10,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी। इस निवेश से वर्ष 2030 तक 1,20,000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे और आज होने वाला प्रत्येक भूमिपूजन उस संकल्प को साकार करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।”
उन्होंने बताया कि कंपनी कटनी जिले के अमेथा और काइमोर स्थित संयंत्रों में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर चुकी। अडानी पावर कंपनी मध्य प्रदेश को 1,200 मेगावाट बिजली की आपूर्ति कर रही है और अतिरिक्त 5,600 मेगावाट क्षमता विकसित करने का कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा, समूह लाहौरी, धार, रतलाम और उज्जैन में पवन ऊर्जा परियोजनाएँ शुरू कर दी हैं तथा शीघ्र ही उज्जैन में एक नए सीमेंट संयंत्र की आधारशिला रखी जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘ कुछ ही सप्ताह पहले हमने गुना में 1,060 करोड़ रुपये की लागत वाली अपनी सीमेंट इकाई का भूमिपूजन किया, जो गुना जिले के इतिहास का सबसे बड़ा निवेश है।’
श्री अदानी ने कहा, ‘ रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र में भी हम इसी संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हम स्वदेशीकरण को गति दे रहे हैं और डीआरडीओ तथा भारतीय सशस्त्र बलों के साथ मिलकर भारत की आयात-निर्भरता को व्यवस्थित रूप से समाप्त करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।’ यह प्रगति माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को भी साकार करती है।
उन्होंने कहा कि ग्वालियर में अत्याधुनिक इकाई लाइट मशीन गन, असॉल्ट राइफल और कार्बाइन की संपूर्ण श्रृंखला का निर्माण किया जा रहा है। वहां से देश के सशस्त्र बलों को 2,000 एलएमजी निर्धारित समय से 11 महीने पहले ही सौंप दी गई हैं। उन्होंने बताया कि शिवपुरी के मिसाइल और और रक्षा विनिर्माण परिसर में अत्याधुनिक सुविधा के विकास में पर अगले तीन साल में 2,500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 5,000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा 50 से अधिक छोटे और मझोले उद्यम इस अत्यधिक विशिष्ट रक्षा विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बनेंगे।
