इंदौर: इंदौर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की महत्वाकांक्षी योजना को रेलवे ने चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का फैसला किया है. सिंहस्थ-2028 के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था और रेल सेवाएं निर्बाध बनी रहें, इसलिए स्टेशन री-डेवलपमेंट, यार्ड रिमॉडलिंग और शास्त्री रोड ओवर ब्रिज आरओबी के प्रमुख निर्माण कार्य सिंहस्थ के बाद शुरू किए जाएंगे.
रेलवे की योजना के तहत फिलहाल यूटिलिटी शिफ्टिंग, विभिन्न विभागों से आवश्यक स्वीकृतियां और तकनीकी तैयारियां पूरी की जाएंगी, ताकि सिंहस्थ समाप्त होने के बाद बिना किसी देरी के निर्माण कार्य शुरू किया जा सके.रेलवे बोर्ड से स्वीकृत परियोजना के तहत मौजूदा करीब 70 वर्ष पुराने और संकरे शास्त्री ओवर ब्रिज की जगह 18 मीटर चौड़ा छह लेन का आधुनिक ब्रिज बनाया जाएगा.
रेलवे के अनुसार वर्तमान पुल की संरचना स्टेशन विस्तार, नई रेल लाइनों के विकास और आधुनिक यार्ड निर्माण में बाधा बन रही है. नया ब्रिज बनने से इन सभी परियोजनाओं को गति मिलेगी. पुनर्विकास योजना के अंतर्गत यार्ड रिमॉडलिंग भी की जाएगी, जिससे प्लेटफॉर्म और ट्रेनों के बीच मौजूद अतिरिक्त गैप कम होगा. इससे यात्रियों की सुरक्षा बेहतर होने के साथ ट्रेन संचालन भी अधिक सुचारु हो सकेगा. रेलवे का मानना है कि नई अधोसंरचना भविष्य की बढ़ती यात्री संख्या और परिचालन आवश्यकताओं को भी पूरा करेगी.
यात्री सुविधा केंद्र के रूप में विकसित करेंगे
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रोजेक्ट को इस तरह क्रियान्वित किया जाएगा कि निर्माण के दौरान आम नागरिकों और यात्रियों को न्यूनतम असुविधा हो. साथ ही सिंहस्थ-2028 के दौरान तैयार होने वाली सुविधाओं का उपयोग अतिरिक्त यात्री सुविधा केंद्र के रूप में किया जाएगा, जिससे मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर इंतजाम उपलब्ध कराए जा सकें.
