मुंबई, 04 जुलाई (वार्ता) केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को करोड़ों रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में महाराष्ट्र और गुजरात में कई स्थानों पर छापेमारी की।
अधिकारियों के अनुसार, मुंबई में सीबीआई ने 18 जून को यहां की एक कंपनी ‘वन वर्ल्ड सोर्सिंग’ और उसके साझेदारों सहित अज्ञात लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इन पर इंडियन बैंक को 62.42 करोड़ का अनुचित नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
एजेंसी के अनुसार, आरोपी कंपनी ने देनदारों के आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने और फर्जी वित्तीय दस्तावेज जमा कर इंडियन बैंक की स्ट्रेस्ड एसेट मैनेजमेंट शाखा से कैश क्रेडिट (सीसी) सुविधाओं का लाभ उठाया था। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद, सीबीआई ने विशेष सीबीआई अदालत के जारी वारंट के आधार पर 20 जून को मुंबई और अन्य स्थानों पर साझेदारों से जुड़े परिसरों की तलाशी ली। एजेंसी ने बताया कि छापेमारी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किये गये हैं।
सीबीआई ने बताया कि शुरुआती जांच से ऐसी देनदार कंपनियों की मौजूदगी का पता चला है, जिनके क्रेडेंशियल्स का सत्यापन किया जा रहा है।
गुजरात के गांधीनगर के एक अन्य मामले में सीबीआई ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की कजोदरा शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक अमलेशभाई गुमानभाई गामित के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन पर वर्ष 2022 से 2025 के बीच धोखाधड़ी कर लोन बांटने का आरोप है, जिससे बैंक को 1.18 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
एजेंसी ने दोनों कंपनियों के निदेशकों से जुड़े आवासीय और व्यावसायिक परिसरों की तलाशी ली, जिनमें महाराष्ट्र और गुजरात में स्थित उनके कार्यालय और व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। इस कार्रवाई के दौरान, जांचकर्ताओं ने दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और अन्य सामग्रियां जब्त कीं, जिनके फंड की हेराफेरी से जुड़े होने का संदेह है। सीबीआई ने कहा कि पैसों के लेन-देन के स्रोत का पता लगाने, साजिश के दायरे को स्थापित करने और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका तय करने के लिए जब्त की गयी सामग्रियों की जांच की जा रही है।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि साजिश के पूरे दायरे का पता लगाने और लोन के पैसों के अंतिम इस्तेमाल को ट्रैक करने के लिए जांच आगे बढ़ने के साथ ही और भी छापेमारी होने की संभावना है।
