पाकिस्तान की बर्बर कार्रवाई के विरोध में पीओके के नेताओं का पांच जुलाई को पूर्ण बंद का आह्वान

मुजफ्फराबाद, 04 जुलाई (वार्ता) पाकिस्तानी अधिकारियों की बर्बर कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने पांच जुलाई को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में पूर्ण बंद का आह्वान किया है। बढ़ते तनाव के बीच पीओके नेताओं ने स्थानीय निवासियों से इस दमन और मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ प्रदर्शनों में शामिल होने की अपील की है।”

जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के नेता सरदार अमान खान ने श्रीनगर, जम्मू, पुंछ, राजौरी और लद्दाख के लोगों से पीओके के निवासियों के साथ एकजुटता दिखाने की अपील की और दावा किया कि अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों पर दबाव बढ़ा दिया है।

श्री खान ने वीडियो संदेश में आरोप लगाया है, “हमने अत्याचारों का सामना किया है। हमारा भोजन रोक दिया गया है।” उन्होंने दावा किया कि आंदोलन को दबाने के प्रयासों के तहत खाद्य आपूर्ति बाधित की गयी है।

यह अपील मुजफ्फराबाद, रावलकोट और पीओके के अन्य हिस्सों में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच आयी है। इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहा साझा संगठन जेएएसी, 38-सूत्रीय मांग पत्र पर अभियान चला रहा है, जिसमें आर्थिक सुधार और स्थानीय संसाधनों का अधिक न्यायसंगत वितरण शामिल है।

जेएएसी कोर कमेटी सदस्य ख्वाजा मेहरान ने पीओके भर के निवासियों से सड़कों, बाजारों, व्यवसायों और सार्वजनिक स्थानों को बंद कर पांच जुलाई को पूर्ण तालाबंदी का आग्रह किया है।

सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो संदेश में श्री मेहरान ने कहा, “पांच जुलाई को पूरे जम्मू-कश्मीर राज्य में हर एक सड़क, हर दुकान, हर चौराहा और हर प्रवेश मार्ग पूरी तरह से बंद होना चाहिए।”

उन्होंने कश्मीरी प्रवासियों से बर्मिंघम और लंदन सहित विभिन्न शहरों में एकजुटता प्रदर्शन आयोजित करने का भी आह्वान किया है और मस्जिदों से अपील की कि वे बंद में भागीदारी को बढ़ावा देने का एलान करें।

आंदोलन के पीछे हटने के सुझावों को खारिज करते हुए श्री मेहरान ने कहा, “भले ही हमारी आखिरी सांस बची हो, लेकिन कोई समझौता नहीं होगा। कोई आत्मसमर्पण नहीं होगा। केवल प्रतिरोध, प्रतिरोध और सिर्फ प्रतिरोध होगा।”

आंदोलन को शांतिपूर्ण बताते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदर्शनकारी उस दमन का विरोध करना जारी रखेंगे, जिसे वे अनुचित मानते हैं। उन्होंने कहा, “हम अराजकता नहीं फैलाना चाहते, हम तबाही नहीं मचाना चाहते, लेकिन अगर गोली चलायी गयी तो हम फूलों से उसका स्वागत नहीं करेंगे।”

हाल में हुई झड़पों पर श्री मेहरान ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग का ‘कोई कानूनी या नैतिक औचित्य नहीं’ था। उन्होंने पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठान तथा पीओके प्रशासन दोनों की आलोचना की।

उन्होंने अधिकारियों पर स्थानीय निवासियों का दमन करने के साथ-साथ क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों का शोषण करने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “दुनिया को बताओ कि मेरे जम्मू-कश्मीर राज्य की धरती के भीतर से अरबों डॉलर के संसाधन निकाले जा रहे हैं और आज जो लोग हमारे ही संसाधनों पर पल रहे हैं, वे हम पर गोलियां चलाने आये हैं।”

जेएएसी के नेताओं ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं की किसी भी गिरफ्तारी के बावजूद यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने इसे जनता के नेतृत्व वाला एक ऐसा अभियान बताया, जो व्यक्तिगत नेताओं के दायरे से कहीं आगे तक फैला हुआ है।

Next Post

एसबीसी चुनाव: इंदौर की मतगणना से बढ़ी चुनावी सरगर्मी

Sat Jul 4 , 2026
जबलपुर। एमपी स्टेट बार काउंसिल निर्वाचन-2026 की मतगणना में चुनावी मुकाबला लगातार रोचक होता जा रहा है। इंदौर जिले की तहसीलों की मतपेटियों तथा जिले की एक अतिरिक्त मतपेटी की मतगणना सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई। शेष मतपेटियों की गणना आगे की जाएगी। निर्वाचन प्रक्रिया अधिवक्ताओं के व्यापक सहयोग और […]

You May Like